दुर्घटनाओं में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। जबकि महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के बच्चों के शवों को वापस घर ले गए। दोनों बच्चों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बड़ौली गांव के पास बाइक में तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में डौला गांव निवासी शहरान (03) पुत्र मुरसलीम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसके पिता मुरसलीम और मां आसमीन घायल हो गए। बाछौड़ गांव के पूर्व प्रधान विकास अपनी कार से तीनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने शहरान को मृत घोषित कर दिया। जबकि मुरसलीम को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। मुरसलीम ने बताया कि वह गांव से बाइक पर सवार होकर बड़ौत में चिकित्सक के पास जा रहे थे। बच्चे की मौत पर परिवार की महिलाओं में कोहराम मच गया। परिजन बिना पुलिस कार्रवाई किए ही बच्चे के शव को वापस घर ले गए। हादसे के बाद चालक कार को लेकर भाग गया।
वहीं दूसरी सड़क दुर्घटना बिनौली थाना क्षेत्र में मेरठ-बड़ौत मार्ग पर हुई। शेखपुरा गांव निवासी खुशनुमा (08) उर्फ मुन्नु पुत्री शहबाज अपने चाचा शाहनजर के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। पिता शहबाज ने बताया कि मेरठ-बड़ौत मार्ग पर शेखपुरा कांटे के पास सड़क पार करते समय खुशनुमा को बरनावा की तरफ से आ रहे बाइक सवार ने टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन 108 एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे। अस्पताल में उपचार के दौरान उस की मौत हो गई। दुर्घटना में बाइक सवार दाऊद पुत्र नसीम निवासी करनावल जनपद मेरठ भी घायल हुआ है। उसे सीएचसी बिनौली से मेरठ के लिए रेफर किया। बच्ची की मौत की सूचना पर परिवार की महिलाओं में कोहराम मच गया। परिजन शव को वापस घर ले गए।
बुझ गया घर का चिराग
बागपत। डौला गांव निवासी मृतक तीन वर्षीय शहरान अपने घर में इकलौता बेटा था। उसके तीन बहन है। हादसे में घर का चिराग बुझ गया। बेटे की मौत के बाद मां आसमीन का रो-रो कर बुरा हाल था।
हादसे के बाद नहीं पहुंची बड़ौत पुलिस
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बड़ौली गांव के पास हुए सड़क हादसे की सूचना बड़ौत पुलिस को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन आधा घंटे तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। यदि पुलिस सूचना के तुरंत बाद कार्रवाई करती तो आरोपी कार चालक पकड़ा जा सकता था। पुलिस की कार्यशौली को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
बच्ची के इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
बागपत। जिला अस्पताल में शेखपुरा निवासी बच्ची की मौत इलाज के अभाव में हुई है। पिता शहबाज ने बताया कि अस्पताल में बच्ची का प्राथमिक उपचार किया गया। उसके सिर में गंभीर चोट लगी हुई थी। एक घंटे तक बच्ची बिना इलाज के तड़पती रही। उसको ऑक्सीजन तक नहीं लगाई गई। चिकित्सकों ने अपनी पीछा छुड़ाने के लिए उसे यहां से रेफर कर दिया। एंबुलेंस भी समय पर नहीं आई। यदि चिकित्सक सही इलाज करते तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।
तीन बहनें थी मृतक बच्ची
बिनौली। शेखपुरा गांव में आठ वर्षीय खुशनुमा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक बच्ची तीन बहनों में दूसरे नंबर की थी। उनके कोई भाई भी नहीं है। बच्ची की मौत से गांव शोक में डूब गया। इस मामले में अभी तक किसी ने थाने पर तहरीर नहीं दी है। थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार बिष्ठ ने बताया कि परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। यदि आने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।