बड़ौत (बागपत)।
आचार्य सुंदर सागर महाराज, मुनि अनुमान सागर महाराज और ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज के सानिध्य में अजित नाथ मंदिर कमेटी के तत्वावधान में घट यात्रा के साथ 11 दिवसीय कल्पद्रुम महामंडल विधान शुरू हो गई।
बुधवार की सुबह सत्यवती धर्मशाला से घट यात्रा बैंडबाजों के साथ शुरू हुई। इसमें 251 इंद्राणियों ने कलश धारण किया । सबसे आगे बैंडबाजों के साथ आचार्य संसघ चले। इनके पीछे भगवान की रजत पालकी, उसके पीछे आर्यिका संघ तथा बाद में इंद्राणियों कलश सिर पर रखकर चली। कलश यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई अतिथि भवन पहुंची और वहां से वापस विहर्ष सभागार सत्यवती जैन धर्मशाला पहुंची।
विहर्ष सभागार में ब्रह्मचारिणी डॉ. रीता दीदी और विक्की के निर्देशन में मांगलिक क्रियाएं हुई। झंडारोहण का सौभाग्य विजय जैन को प्राप्त हुआ। समोशरण का उद्घाटन संजय जैन ने किया। चक्रवर्ती का सौभाग्य गौरव जैन, सौधर्म इंद्र, अशोक जैन, यज नायक देवेंद्र जैन तथा कुबेर इंद्र का सौभाग्य विरेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कल्पद्रुम विधान वह विधान है, इसके माध्यम से हम कल्पवृक्ष के समान स्थित फल की प्राप्ति करते हैं। कल्पद्रुम विधान चक्रवर्ती के द्वारा मुंह मांगा दाम देकर किया जाता है और इसके मध्य से जगत के समस्त जीवों की सभी इच्छाएं पूरी होती है। इस विधान में विशाल समोशरण मनाकर भगवान की भक्ति की जाती है। विधान में मदनलाल जैन, प्रमोद जैन, वरदान जैन, प्रवीण जैन, अतुल जैन, अशोक जैन, राकेश जैन, बालकिशन जैन, मुकेश जैन, शशि जैन, सुशील जैन, अतुल जैन, अखिलेश जैन आदि उपस्थित रहे। रात्रि में गुरू भक्ति, आरती और भजन संध्या का आयोजन किया।