गुणों से बड़ा होता है इंसान : आचार्य सुंदर सागर
बड़ौत (बागपत)। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके गुणों से होता है। जिसमें जितने गुण होते हैं, वह उतना ही बड़ा होता है।
विहर्ष सभागार में धर्मसभा में उन्होंने कहा कि जीवन में या तो मुनि आर्यिका बन जाना और यदि न बन पाओ तो उनकी सेवा करके पुण्यार्जन कर लेना। संसार के मार्ग पर चलने से पाप के बंधन बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि भव्य आत्माओं मंदिर का भगवान नकली है। लेकिन जो भगवान उसकी आत्मा में विराजमान है, वहीं असली भगवान हैं। आप असली भगवान के पास जाओ से शांति मिलेगी, किस्मत बदलेगी। जीव स्वयं के परिणामों से ही अपना भाग्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सद्मार्ग पर चलो और श्रद्धा से गुरू की आराधना करो।
इस दौरान बताया गया कि 26 अगस्त से 25 सितंबर तक विहर्ष सभागार में दशलक्षण पर्व के अवसर पर सुबह छह बजे से 10 बजें तक पूजन प्रशिक्षण शिविर और संगीतमय नित्य नियम पूजन का आयोजन आचार्य संघ के सानिध्य में किया जायेगा। इस अवसर पर मदनलाल जैन, प्रमोद कुमार, अशोक, वरदान जैन, अतुल जैन, संदीप जैन आदि मौजूद रहे।