बागपत। शक्ति स्वरुपा मां दुर्गा श्रृद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। मां के नौ रूप महिलाओं के लिए प्रेरणादायी भी है। बुराइयों पर विजय पताका फहराने और आगे बढ़ने की हिम्मत शक्ति स्वरूपा से मिलती हैं। बागपत में ऐसी कई महिलाएं हैं, जिन्होंने समाज की तमाम प्रथाओं को दरकिनार कर नई मिसाल पेश कर दिखाई है। जौहड़ी की शूटर दादी की सफलता उम्र की मोहताज नहीं रहीं हैं। घर से निकली और विदेशों तक वह खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणा बन गई। उम्र का हवाला देकर मैदान से हटने वाली महिलाओं के लिए वह संबल बनी हुई है। जौहड़ी की सबसे कम उम्र की निशानेबाज डॉली जाटव भी बेटियों के लिए प्रेरणा है। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाली डॉली का हौंसला मिसाल है। शूटर दादी, डॉली जाटव के अलावा अन्य कई महिलाएं हैं, जिन्होंने खेल जगत और शिक्षा के क्षेत्र में बागपत की पहचान को पुख्ता किया है।
निशानेबाजी का भविष्य है डॉली जाटव
जौहड़ी गांव की डॉली जाटव रेंज की सबसे कम उम्र की निशानेबाज हैं। कोच डॉ. राजपाल सिंह बताते हैं कि कई पदक जीत चुकी है। माता-पिता के साथ वह खुद ईंट भट्टे पर काम करती है, लेकिन इसके साथ ही पढ़ाई भी कर रही है। पिछले वर्ष डॉली को बागपत के स्वच्छता अभियान का एंबेसडर बनाया। ओलंपिक में पदक जीतने का सपना देखने वाली डॉली कहती है कि अभी उसकी शुरूआत है, बहुत कुछ सीखना बाकी है।
उम्र की बात छोड़कर मिलिए शूटर दादी से
उम्र का हवाला देकर जो लोग वक्त के सामने हिम्मत हार जाते हैं, उनके लिए जौहड़ी गांव की देवरानी और जेठानी प्रकाशो तोमर और चंद्रो तोमर प्रेरणा हैं। दोनों ने 65 की उम्र पार होने के बाद निशानेबाजी सीखीं और कई प्रतियोगिताओं में पदक जीते। उनके सटीक निशाने देखकर दिग्गज तक हैरान रह जाते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 में चंद्रो तोमर को बुलाकर सम्मानित किया। देशभर में दोनों पहचानी जाती हैं और महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। सिनेमा, खेल और राजनीति की बड़ी हस्तियों के बीच दोनों दादी प्रसिद्ध हैं।
इनसे सीखें और लक्ष्य की ओर बढ़ें
बागपत। धनौरा गांव की बेटी मधु वेदवान ने तीरंदाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते हैं। जिले को तीरंदाजी जैसे खेल में नई पहचान दिलाई। सामान्य किसान परिवार में जन्मीं मधु अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनीं। सरूरपुर कलां की बेटी ज्योशी नैन ने क्रिकेट के मैदान पर जिले को नई पहचान दी। पिछले वर्ष वह दिल्ली की महिला रणजी टीम में शामिल रही थीं। बागपत की सरिता चौधरी और उनकी बेटी अनु तोमर ने बॉक्सिंग में नाम कमाया। रेसलिंग में बिजवाड़ा की बहू कविता दलाल ने भी देश को नई पहचान दी है।