बागपत। संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा बीटीसी 2015 के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचना में संशोधन कर प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को चयन में प्राथमिकता दी जाए।
बुधवार को बीटीसी प्रशिक्षु कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम लोकपाल सिंह को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रशिक्षुओं ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई ने अधिसूचना जारी कर कक्षा एक से कक्षा पांच तक के बच्चों को पढ़ाने हेतु प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को योग्य माना गया। इसी अधिसूचना द्वारा शिक्षा स्नातक बीएड को कक्षा छह से आठ तक अध्यापन हेतु योग्य माना है। प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय डिप्लोमा वाले अभ्यर्थियों के साथ-साथ बीएड अभ्यर्थियों को भी प्राथमिक विद्यालयों के लिए योग्य मान लिया। उन्होंने बताया कि नई अधिसूचना से कक्षा एक से कक्षा 12 तक के छात्रों को पढ़ाने योग्य हो जाएंगे। प्रदेश में बीटीसी-डीएलएड डिप्लोमा में प्रशिक्षण ले चुके दो लाख अभ्यर्थी बेरोजगार है। वर्ष 2019 में इनकी संख्या पांच लाख पार होगी। ऐसे में बीएड अभ्यर्थियों को छह माह का ब्रिज कोर्स कराना निरर्थक है, उनके साथ अन्याय है। प्रधानमंत्री से अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की। इसमें जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, रवि कुमार, मुलायम, अजीत, मनोज, अवधेश, विपिन, मोहित, मुलायम यादव, चेतन त्यागी, मोहित, धर्मेंश वाजपेयी, संजीव, अंकित, रवि, ताज मोहम्मद आदि रहे।