बागपत। विद्युत निगम से सेवानिवृत्त जेई इंद्रपाल सिंह एक साल से वेतन और भत्ते पाने के लिए दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। करीब एक करोड़ रुपये निगम ने अदा नहीं किए हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में वाद दायर किया, इसके बाद विद्युत निगम के एमडी, एक्सईएन मुजफ्फरनगर और लेखाधिकारी सहारनपुर को कोर्ट ने 19 अप्रैल को पेश होने का आदेश दिया और वेतन क्यों नहीं दिया, इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
बड़ौत क्षेत्र के शाहपुर बड़ौली निवासी इंद्रपाल सिंह विद्युत निगम में बतौर जेई बागपत, बड़ौत सहित विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। वह मुजफ्फरनगर से फरवरी 2017 में सेवानिवृत्त हुए। रिटायर्ड हुए उन्हें सात वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन आज तक उन्हें सात वर्ष का वेतन और सभी भत्तों की धनराशि नहीं दी गई है। इससे उन्हें मानसिक और आर्थिक हानि पहुुंच रही है। मजबूर होकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनके अधिवक्ता पवन तिवारी ने बताया हाईकोर्ट में वाद दायर हो चुका है। कोर्ट ने 19 अप्रैल को मेरठ विद्युत निगम के एमडी, एक्सईएन मुजफ्फरनगर और लेखाधिकारी सहारनपुर को तलब किया है। उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति ने अफसरों को मय शपथपत्र हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए है। एमडी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया कि वेतन तथा पेंशन सहित सभी भत्तों क्यों नहीं दिए है? इसका दो सप्ताह में जवाब दें। पवन तिवारी ने बताया कि विद्युत निगम पर सात साल का वेतन और सभी भत्ते मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये की राशि बैठती है।
जिला परिवीक्षा अधिकारी सूचना आयोग में तलब
बागपत। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि डौला गांव निवासी माया देवी पत्नी स्वर्गीय हरिओम शर्मा को विधवा पेंशन की सूचना न देने पर जिला परिवीक्षा अधिकारी को छह अप्रैल को आयोग ने तलब किया है।