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कर्ज में पैदा होता है और कर्ज में मर जाता है किसान: टिकैत

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बागपत। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसान कर्ज में पैदा होता है और कर्ज में ही मर जाता है। सरकार किसान की आमदनी की जांच करा लें तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए जिसमें किसान को कर्ज ही न लेना पड़े।
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मंगलवार को मुजफ्फरनगर से दिल्ली जाते हुए बागपत में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उनका कहना था कि किसान की स्थिति किसी एक स्टेट ही नहीं बल्कि अधिकतर जगह खराब है। कहीं गन्ने का किसान परेशान हैं, कहीं आलू का किसान परेशान हैं और कहीं धान का किसान परेशान है। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे किसान को कर्ज न लेना पड़े। सरकार को चाहिए कि पहला कदम यह उठाए कि सरकारी फार्मों पर की जा रही खेती की आमदनी की जांच करा लें। अगर सरकारी फार्म खेती से मुनाफे में हैं तो किसान भी मुनाफे में है। उन्होंने कहा कि किसान का भुगतान नहीं किया जा रहा, गन्ना नहीं खरीदा जा रहा है। ऐसे में किसान आखिर कैसे खुशहाल हो सकता है। उन्होंने किसान दिवस बंद किए जाने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इस विषय में कृषि मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की जाएगी। जिले के अधिकारियों के पास क्या किसानों के लिए एक घंटे का भी समय नहीं है। इंद्रपाल चौधरी और अन्य भाकियू नेता मौजूद रहे।
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