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लेखपालों को मिले सुरक्षा, आश्रितों को नौकरी

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बागपत। तीन जनपदों में लेखपालों की हत्याओं से जिले के लेखपाल संघ ने रोष जताया। एंटी भूमाफिया अभियान को विवाद का कारण बताया। लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर पर कार्यालय पर लेखपालों ने बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कार्यभार बढ़ा दिया गया है, इससे कार्य त्रुटि पूर्ण हो जाता है तो अफसर कार्रवाई करते हैं। ऋण मोचन और एंटी भूमाफिया अभियान से लेखपाल परेशान हैं। अवैध कब्जों के चिन्हांकन में आए दिन मारपीट की घटना हो रही है। धरातल पर समस्त कार्य लेखपालों से ही कराया जा रहा है। अलीगढ़, आगरा और चंदौली में लेखपालों की हत्या कर दी, इससे रोष व्याप्त है। बैठक के बाद जिलाध्यक्ष सौरण सिंह यादव और महामंत्री विनोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम विवेक कुमार यादव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें हत्याओं की शीघ्र जांच, सभी देयकों का भुगतान और मृतक आश्रित नियुक्ति, 20-20 लाख की आर्थिक मदद, सभी तहसीलों में राजस्व पुलिस चौकियां, खनन की एफआईआर खनन निरीक्षक और अवैध कब्जे की प्रधान, शिकायतकर्ता या नायब तहसीलदार स्तर से कराने, पुरानी आबादी में कब्जे, राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम से एक गांव से कब्जे हटवाने, जरूरत पड़ने पर लेखपालों के फोन पर पुलिस उपलब्ध रहे और सभी इच्छुक लेखपालों को शस्त्र लाइसेंस निर्गत कराए जाए। इसमें रवि कुमार, राजेश कुमार, सुशील शर्मा, वीरेंद्र यादव, वरूणवेश, मुकेश चौधरी, संजीव, सचिन, नागेश, रणवीर, आयुशी, मनोज, कालीचरण, जितेंद्र, मुकेश, बलवीर, विनोद कुमार, प्रदीप राणा, विकास धामा, अनिल, जितेंद्र गुप्ता आदि रहे।
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