बड़ौत (बागपत)।
जैन संत उपाध्याय नयन सागर महाराज ने कहा अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु होता है। अहंकार से ग्रस्त मनुष्य धर्म विरोधी हो जाता है। वह स्वयं की प्रशंसा से आत्म मुग्ध होता है। आलोचना को स्वीकार करके सत्यमार्ग पर जाने की उसकी क्षमता का लोप हो जाता है।
वे बुधवार को दिगंबर जैन कॉलेज में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा मानव मन बड़ा विचित्र होता है। वह झूठी प्रशंसाओं को सुनकर अपने झूठे अहम का पोषण तो करने लग जाता है, किन्तु सच्ची आलोचनाओं को सुनकर अपना उत्थान करने की नहीं सोचता। मन पर नियंत्रण अहंकार का शमन करके चेतना को अध्यात्म की पराकाष्ठा तक ले जाता है। धर्मसभा के बाद गुरू भक्ति चैनल द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई। भजनों पर श्रद्धालु झूमने लगे और सारा वातावरण धार्मिक हो गया। धनेंद्र कुमार जैन ने मंच संचालन एवं बारह भावना का पाठ किया। बुधवार को दोपहर एक बजे जैन संत नयन सागर महाराज ने किशनपुर बराल के मंगल विहार किया। इसमें डॉ. वीरेंद्र सिंह, धन कुमार जैन, राकेश कुमार जैन, अरविंद जैन, सुनील कुमार जैन, विमल प्रसाद जैन, रमेश चंद जैन, रविंद कुमार जैन, श्रेयांस जैन, प्रदीप जैन, अनिल कुमार जैन, वीर सैन जैन, अशोक जैन, सचिन जैन डॉ. दीपक जैन, डॉ. अमित जैन, डॉ. विनोद कश्यप, रूपेन जैन, ऋषभ जैन, सुधीर जैन, तेजस जैन, अंजुल जैन, निशा जैन, अंजली जैन, सुनीता जैन आदि रहे।