बड़ौत (बागपत)।
आर्य समाज बड़ौत के तत्वाधान में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के दूसरे दिन ओमप्रकाश आर्य एवं ओमपाल सिंह लौहड्डा के आवासों पर यज्ञ और भजनों के कार्यक्रम आयोजित किए।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य विरेंद्र शास्त्री ने कहा परमात्मा सर्वव्यापक एवं निराकार है। ईश्वर सर्वव्यापक होने से सब जगह रंग रहा है वह सर्वज्ञ होने से सब जीवों के पाप-पुण्य को देख रहा है और उनको कर्मानुसार सुख-दुख दे रहा है। जो भी दुख जीव को भोगना पड़ता है, वह जीवों के कर्मों का ही परिणाम है। मनुष्य को छोड़कर शेष सभी योनियां भोग योनी है। इसमें आचार्य समर भानु, धन कुमार शास्त्री एवं भजनों के माध्यम से ओमपाल शास्त्री, चरण सिंह मलिक व श्रीपाल आर्य ने विचार व्यक्त किए। संचालन प्रीतम सिंह आर्य एवं डॉ. ओमवीर सिंह ने किया। इसमें श्यामलाल गर्ग, सत्यपाल आर्य, सोमपाल सिंह, कमला देवी, उपेंद्र आर्य, अशोक कुमार, मित्रमुनि, अंग्रिस मुनि, विजयपाल सिंह, मोहन पाल, रणतेज, राजेश उज्जवल, सतेंद्र आदि रहे।