इनमें सबसे अधिक बागपत शहर में 16 युवतियां हैं। बिनौली में 12, छपरौली में दस युवतियां हैं तो अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह के मामले पकड़ में आए हैं। इन सभी को अपात्र घोषित करते हुए आवेदन निरस्त कर दिए गए।
सामूहिक विवाह के बाद कर सकते हैं कार्यक्रम
किसी की सामूहिक विवाह से पहले शादी हो जाती है तो नियम के अनुसार उसको अपात्र माना जाएगा। कुछ परिवार ऐसा जरूर करते हैं कि वह सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहले शादी करा लेते हैं और फिर अगली तारीख तय करके अपने घर पर रिश्तेदारों व अन्य लोगों को बुलाकर कार्यक्रम कर लेते हैं। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती।
सत्यापन के कारण बदलनी पड़ी तारीख
यहां सामूहिक विवाह की तारीख तीन नवंबर तय की गई थी मगर सत्यापन कराने पर 69 युवतियां पहले से शादीशुदा मिलने के कारण तारीख बदलनी पड़ी। अब 13 नवंबर को सामूहिक विवाह कराया जाएगा और इससे पहले दोबारा से सत्यापन कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आए आवेदनों का सत्यापन कराया गया। आवेदन करने वाली 69 युवतियों को इसलिए अपात्र घोषित किया गया क्योंकि उनकी कुछ समय पहले ही शादी हो चुकी। इसमें किसी भी तरह से फर्जीवाड़ा नहीं होने दिया जाएगा। - राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी