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जनपद के 64.4 फीसदी वोटरों ने डाले वोट 

Sun, 12 Feb 2017 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बड़ौत के वाजिदपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में मतदान करने के बाद खुशी जताती महिलाएं - फोटो : amar ujala
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बागपत। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के सख्त पहरे में जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 64.4 फीसदी मतदान हुआ। बड़ौत और बागपत विधानसभा क्षेत्रों में कई स्थानों पर छिटपुट घटनाएं भी हुईं। आईजी, डीएम, एसपी के चुनाव पर्यवेक्षकों ने मतदान केंद्रों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। दिनभर कंट्रोल रूम में शिकायतों का दौर चलता रहा। जगह-जगह फर्जी मतदान के आरोप और अफवाहें भी उड़ती रही।
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शनिवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। धीमी गति से शुरू हुए मतदान में सुबह नौ बजे तक सिर्फ 12 फीसदी ही वोट पड़े थे, इसके बाद 11 बजे तक लोग घरों से निकले और मतदान किया। तीन बजे तक फिर से मतदान की चाल धीमी रही, इसके बाद शाम पांच बजे तक मतदान का प्रतिशत बढ़ा। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया जनपद में  64.4 फीसदी मतदान हुआ है। उन्होंने बताया बागपत और बड़ौत विधानसभा क्षेत्रों में 65  फीसदी मतदान हुआ, जबकि छपरौली विधानसभा क्षेत्र में 63 फीसदी मतदान हुआ। 

उन्होंने बताया बालैनी थाना क्षेत्र के हरिया खेड़ा में फर्जी मतदान को लेकर हंगामा हुआ। पुलिस ने यहां एक नेता और उसके समर्थकों को हिरासत में ले लिया। बड़ौत विधानसभा के जौनमाना गांव से कंट्रोल रूम को पथराव की सूचना दी। उन्होंने बताया बड़ौत में अग्रसेन मूर्ति के पास पुलिस पर एक प्रत्याशी के समर्थकों के झंडे फाड़ने का आरोप लगाया।  मलकपुर गांव में एक प्रत्याशी पर लोगों ने नाराजगी जाहिर की, इसके बाद वह लौट गए है। 
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जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों के 31 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है। आईजी अजय आनंद, डीएम ह्दय शंकर तिवारी और एसपी अजय शंकर राय ने मतदेय स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। मतदान के बाद कड़ी सुरक्षा में मशीनों को खेकड़ा के लख्मीचंद पटवारी कॉलेज में रखवाया। देर रात तक मतदान कर्मियों के कॉलेज में ईवीएम पहुंचाने का सिलसिला जारी रहा। 
खेकड़ा प्रतिनिधि के अनुसार पोलिंग पार्टियों ने कडे़ सुरक्षा बंदोबस्त के बीच ईवीएम मशीनें अधिकारियों को सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों और  पुलिस बल की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों को कमरो में रखने के बाद सभी कमरों पर ताले लगाकर उन्हें सीलबंद किया। ईवीएम मशीनों की कड़ी निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए बीएसएफ और पेरामिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किया। कॉलेज परिसर में ही मतगणना 11 मार्च को होगी।  
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