बागपत। एससी-एसटी नियमावली के अनुसार जिला स्तर पर नहीं किया गया सतर्कता और मानीटरी समिति का गठन। जिसके माध्यम से सुनी जाती समस्या और कराया जाता समाधान। राज्य और राष्ट्रीय एससी-एसटी आयोग में सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने की जनहित याचिका दायर।
एडवोकेट तिवारी ने बताया कि एससी-एसटी नियमावली 1995 के तहत जिला स्तर पर सतर्कता और मानीटरी समिति का गठन किया जाना था। जिसमें डीएम, सांसद, विधायक, समाज कल्याण अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता को किया जाना था सम्मलित है। उपखंड स्तरीय समिति पर एसडीएम, बीडीओ, पंचायती राज संस्था के निर्वाचित सदस्य, डीएसपी, तहसीलदार, सामाजिक कार्यकर्ता की होनी थी नियुक्ति। उन्होंने बताया कि नियमानुसार समिति की प्रत्येक तीन माह में बैठक होती निर्धारित है। जिसमें एससी-एसटी समाज के लोगों की समस्याओं पर मंथन होता और उनके स्तर को सुधारने पर चर्चा। समिति का गठन न करने पर राज्य और राष्ट्रीय सतर पर एससी-एसटी आयोग में जनहित याचिका दायर की है। जिले में समिति का गठन कराया जाएगा। अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति के लोगों को उनके हकों को दिलाया जाएगा।