बागपत। ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सक और फार्मेसिस्ट तैनात किए जाएंगे। प्राइवेट भवनों में चल रहे आयुष चिकित्सालय बंद होंगे। डॉक्टरों को पीएचसी में तैनाती दी जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर 37 अधिकारियों की एक समिति का गठन किया।
देहात क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों की तो भरमार है, लेकिन डॉक्टर और कर्मचारियों को टोटा है। मजबूर होकर लोग झोलाछाप चिकित्सकों से उपचार कराते हैं। घटना होने पर स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया जाता है। उत्तर प्रदेश शासन के सचिव सुधीर दीक्षित ने डीएम, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी, आयुर्वेद होम्योपैथी यूनानी के निदेशक, और जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी को पत्र जारी किया। निर्देश दिए आयुष चिकित्सकों की ग्रामीण क्षेत्रों की पीएचसी पर तैनाती की जाएगी। ताकि वहां की स्वास्थ्य सेवा सुदृढ़ हो सके। उन्होंने बताया दान की भूमि और किराये के भवनों में चल रहे आयुष चिकित्सालयों में तैनात चिकित्साधिकारी, फार्मेसिस्ट और अन्य कर्मचारियों को समीप के पीएचसी पर तैनात करने की व्यवस्था की गई है। पीएचसी में तैनाती के बाद भवनों को खाली कर भूस्वामियों को सौंपा जाएगा। आयुष चिकित्सकों को समीप की पीएचसी पर तैनात करने के लिए विभिन्न विभागों 37 अधिकारियों की समिति गठित की। डीएम समिति के अध्यक्ष होंगे।
ये रहेंगे समिति में शामिल
डीएम अध्यक्ष, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी सदस्य सचिव, सीडीओ, राजस्व एवं आपदा विभाग, गृह एवं गोपन, ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, बीएसए, माध्यमिक शिक्षा, डीपीआरओ, आवास एवं शहरी नियोजन, नगर विकास और नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, खाद्य एवं रसद, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, आबकारी, उच्च शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला कल्याण, लोनिवि, वन, सिंचाई और जल संसाधन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत प्रसंस्करण, आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स, उद्यान तथा खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, खादी एवं ग्रामोद्योग, क्रीड़ा, नागरिक उड्डयन, बाल विकास पुष्टाहार, भूतत्व एवं खनिकर्म, मत्स्य, मनोरंजन कर, युवा कल्याण, रेशम, सहकारिता, श्रम, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, होमगार्ड, राजनीतिक पेंशन को सदस्य बनाया गया है।
जिले में तैनात हैं 16 डॉक्टर और फार्मेसिस्ट
जिले में आयुष चिकित्सक 13 हैं, इसमें नियमित और संविदा पर तैनात है। फार्मेसिस्ट एक है। होम्योपैथिक चिकित्सक और यूनानी चिकित्सक एक-एक है।