गंगा के पानी से साफ होगी प्रदूषित हिंडन
बागपत। जीवन के लिए खतरा बन रही हिंडन को अविरल और प्रदूषण मुक्त बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। गंगनहर में बहने वाले गंगा के पानी से नदी को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। जिले के दस हजार लोग एक साथ कांवड़ अभियान पर निकलेंगे और गंगनहर से पानी लाकर हिंडन में प्रवाहित करेंगे। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर प्रशासन योजना का खाका तैयार कर रहा है।
कभी कल-कल बहने वाली हिंडन अब लोगों के लिए काल बन रही है। नदी किनारे बसे गांवों के लोग बीमार हो रहे हैं। प्रदूषित जल की वजह से पशु भी बीमारी की चपेट में हैं। तमाम इंतजाम किए गए, लेकिन हालात नहीं सुधरे। प्रशासन ने नई कार्ययोजना तैयार की है। कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने कांवड़ यात्रा की तर्ज पर हिंडन कांवड़ अभियान चलाने की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। योजना में बागपत के करीब 10 हजार लोगों को एकत्र कर नवंबर माह के पहले सप्ताह में अभियान चलाया जाए। लोग गंगनहर से पानी लाकर हिंडन में प्रवाहित करेंगे, इससे हिंडन से गंदगी खत्म होगी। मंडलायुक्त के निर्देश पर प्रशासन तैयारी में जुटा हुआ है।
हिंडन से जुड़े जिलों में चलेगा अभियान
बागपत। सिर्फ बागपत ही नहीं बल्कि हिंडन से जुड़े अन्य जिलों में भी यह अभियान चलाया जाएगा, ताकि नदी की सफाई हो सकी। नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने की योजना भी है।
पहले कारखानों को कराएं बंद
बागपत। सफाई की कवायद शुरू हो गई है। हिंडन में इसकी सहायक नदियों में गिरने वाले उद्योगों के प्रदूषित जल के प्रवाह को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसरों को निर्देशित किया गया है कि औद्योगिक इकाइयों के पानी की जांच कराई जाए। दूषित पाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ताकि प्रदूषित जल हिंडन में न जा सकें।
वाटर मैन ने निकाली थी यात्रा
बागपत। जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने पिछले वर्ष हिंडन पुनर्जीवन यात्रा भी निकाली थी। मकसद था नदी की सफाई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
बीमारियों से जूझ रहे हैं लोग
बागपत। नदी का पानी प्रदूषित होने की वजह से हिंडन किनारे बसे गांवों के लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं। एनजीटी में केस लड़ रहे डॉ. चंद्रवीर सिंह ने कहा प्रशासन की अनदेखी की वजह से यह हालत हुई है। लोगों को अभी तक भी स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं कराया जा रहा है।