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बीस घंटे बारिश, तरणताल बन गई गलियां

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बागपत। मौसम ने फिर रंग बदला। करीब बीस घंटे तक रुक रुककर हुई बरसात से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। देहात में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव ने मुश्किलें खड़ी कर दी है। गलियां तरणताल बन गई। बागपत शहर की कॉलोनी में सड़क धंस गई। कई जगह मकानों में दरारें आ गई। रेलवे के अंड पास में पानी भर जाने से हालात मुश्किल हो गए हैं।
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मंगलवार सुबह करीब सवा तीन बजे बरसात शुरू हो गई थी। बरसात से लोगों को गर्मी से राहत मिली। फसलों को भी बारिश से लाभ होगा। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि रुक-रुककर हो रही बरसात से फसलों को लाभ होगा, लेकिन अगर तेज हवा चली और खेतों में पानी भर गया तो ईख की फसल गिर सकती है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिलेभर में करीब 27 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। करीब बीस घंटे तक रुक रुककर बरसात होती रही। कॉलोनियों में भी जलभराव की स्थिति रही।
बागपत के यमुना रोड स्थित होली चौक पर नवनिर्मित सड़क धंस गई। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के मुगलपुरा में नाला क्षतिग्रस्त हो गया। सरूरपुर गांव की गलियों में जलभराव हो गया। कई मकानों में दरारें पड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
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दोघट क्षेत्र में बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही। कई गांव में मकानों में दरार पड़ गई।
पिलाना गांव में गलियों में जलभराव हो गया। बच्चे गलियों में तैरते नजर आए। अधिक पानी भर जाने से एंबुलेंस फंस गई। रोशनगढ़ गांव में आधा दर्जन से अधिक मकानों में दरारें पड़ गई। कई मकान गिर गए। छपरौली क्षेत्र में भी बारिश से परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अग्रवाल मंडी टटीरी में कई गांव में जलभराव से परेशानी हो गई। ग्रामीणों ने जलनिकासी की मांग की है।
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