गेहूं की बुवाई का उचित समय एक से 30 नवंबर तक
बड़ौत (बागपत)।
गेहूं की बुवाई में समय खासा महत्वपूर्ण है। गेहूं की बुवाई का उचित समय एक से 30 नवंबर तक है। दिसंबर में बोए गेहूं की उपज अधिक बीज डालने पर भी घटती जाती है।
उर्वर भूमि, प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पानी और श्रम शक्ति की उपलब्धता की वजह से बागपत में गेहूं की उपज बढ़ाने की भरपूर संभावना है। इस तथ्य को कृषि वैज्ञानिक भी मानते है। एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान के मुताबिक समय से बुवाई संतुलित उर्वरक, उन्नत बीज और तकनीक का प्रयोग और जरूरत के अनुसार फसल रक्षा के उपायों के जरिये ऐसा संभव है। उनके अनुसार उचित जल निकासी वाली भूमि सर्वोत्तम है। प्रति हेक्टेयर 125-150 किग्रा बीज लगता है। देरी से बोआई की दशा में बीज 25 फीसदी बढ़ा दें।
एडीओ कृषि तेजपाल चौहान ने कहा एक एकड़ में 100-120 किग्रा बीज लगता है। बुवाई के पहले बीज का अंकुरण जरूर जांचे। 80 फीसदी से अधिक अंकुरण वाले बीज की ही बुवाई करें। बोने के पहले बीज शोधन जरूर करें। इससे शुरूआती दशा में पौधों का रोगों से बचाव होता है। निरोग पौधे बाद मेें भी लगने वाले कीट और रोगों का भी कम असर होता है।