बड़ौत। अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से माउंट लिटरा स्कूल और सेंट आरवी कान्वेंट स्कूल में बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया। बच्चों को बाल फिल्म भागो भूत और लाड़ली दिखाई। भागो भूत में बच्चों को निडरता और सत्य को जानने की प्रेरणा मिली लाड़ली में बेटियों की शिक्षा के लिए जागरूक किया।
माउंट लिटरा स्कूल में संस्था चेयरमैन हंस कुमार जैन, बिजेंद्र जैन, प्रधानाचार्य अभिषेक मजूमदार, उप प्रधानाचार्य अनुज सक्सेना और मीडिया प्रभारी ओपी शर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर बाल फिल्म महोत्सव का शुभारंभ किया। स्कूल में बच्चों को भागो भूत फिल्म दिखाई। बच्चों को अंधविश्वास से दूर रहने और मुसीबत का डटकर मुकाबला करने की सीख देती है। इसमें रूपाली सैनी, विकास शर्मा, रविंद्र पंवार, मीनाक्षी, अजय राणा, ओमप्रकाश, विशेष जैन, राखी जैन, विक्की, रॉबिन, कीर्ति जैन, स्वाति आदि का योगदान रहा।
फिल्म में दिखाया, क्यों जरूरी है लाड़ली की शिक्षा
बड़ौत। अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से सेंट आरवी कावेंट स्कूल में कार्यक्रम का शुभारंभ डायरेक्टर अनुराग जैन, निर्देशिका चारू जैन, शिक्षा निदेशक निर्दोष शर्मा और प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। फिल्म महोत्सव में लाड़ली फिल्म बच्चों को दिखाई। बेटी के लिए आज शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। फिल्म में बालिकाओं को पढ़ाने और बचाने पर बल दिया। दिखाया गया कि किस तरह एक बेटी शिक्षित होकर दो परिवार को शिक्षित कर देती है। साथ ही लड़का व लड़की में भेदभाव न करने का संदेश दिया है। इसमें केके त्यागी, राजन, वैभव जैन, अक्षित तोमर, मोक्ष, उपलक्ष्य, देव तोमर, विनीत तोमर, ईशान, अंकिता, छवि, प्रिया, रूपा, अंजू तोमर, शिखा जैन और वर्षा का योगदान रहा।
बच्चों ने क्या कहा
फिल्म बेहद प्रेरक थी। निडरता की सीख मिली। बच्चों के साथ फिल्म देखना अच्छा लगा।
अनन्या, छात्रा
बच्चे भूत की तलाश में निकले, लेकिन हकीकत कुछ दूसरी थी, इसलिए डरना नहीं चाहिए।
कुमकुम तोमर, छात्रा
सच्चाई को जानकर ही कोई कदम उठाना चाहिए। डर में इंसान गलत कदम उठाता है।
विदांशी तोमर, छात्र
फिल्म अच्छी थी। बच्चों के साथ बैठक फिल्म देखने में अच्छा लगा।
अर्पिण राणा, छात्र
किसी भी स्थिति में डरना नहीं चाहिए। बल्कि सच्चाई का पता लगाना चाहिए।
दीक्षांता, छात्रा
लाड़ली फिल्म अच्छी थी, इससे आगे बढ़ने की सीख मिलती है।
प्रांजल, छात्रा
फिल्म अच्छी लगी, सभी बच्चों ने एक साथ बैठकर फिल्म देखी। बेहद मजा आया।
खुशी, छात्रा
बच्चों ने फिल्म का आनंद लिया। लड़कियों को शिक्षित करने और बराबरी का हक देने की सीख मिली।
आरजू, छात्रा
साथी बच्चों के साथ पहली बार फिल्म देखी, बेहद अच्छा लगा।
कार्तिक, छात्र
फिल्म जानकारी प्रेरक रही। बेहद अच्छा अनुभव रहा। शिक्षा की सीख मिली।
पवित्र, छात्र