तिलवाड़ा में खोदाई में निकला स्वर्ण व अन्य मनके। स्रोत पुरातत्विद
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बड़ौत। तिलवाड़ा गांव में उत्खनन के दौरान समृद्ध और विकसित संस्कृति की 4000 वर्ष पुरानी परतें उजागर हुई हैं। यहां पुरातत्वविदों को स्वर्ण मनका और रत्न मालाएं मिल गई जो उस समय के अंतरक्षेत्रीय व्यापार और आभूषण निर्माण की परंपरा की तरफ इशारा कर रहे हैं।
तिलवाड़ा में उत्खनन के दौरान अकीक, जैस्पर और कार्नेलियन जैसे कीमती पत्थरों से बनी आकर्षक मालाओं के साथ एक अत्यंत दुर्लभ स्वर्ण मनका भी मिला है। इनके मिलने से उस युग की आर्थिक समृद्धि, परिष्कृत धातु-कला और व्यापारिक परिपक्वता का पता चलता है।
इसके अलावा तांबे से बनी तलवार, भाले का नुकीला सिरा, अर्धवृत्ताकार हार, सजावटी पुष्पाकार आकृतियां मिली हैं। वहां शंख जड़ित और ताम्र कार्य की हुई वस्तु भी मिली जो उस काल की युद्ध प्रणाली, धार्मिक मान्यताओं और सौंदर्यबोध को दर्शाती है।