बागपत। जिले में 31 प्राथमिक और दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवन बनकर तैयार हो गए हैं। इसके बावजूद बच्चों को जर्जर भवनों और बाहर जमीन पर बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। इसकी वजह है कि बेसिक शिक्षा और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के बीच भवनों का हस्तांतरण अटका हुआ है।
बेसिक शिक्षा विभाग के जर्जर हो चुके विद्यालयों के भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दी गई थी। दो महीने पहले विद्यालयों के नए भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, मगर अभी तक विभाग को हस्तांतरण नहीं किए गए हैं। इस कारण बच्चों को जर्जन भवन और बाहर खुले में जमीन पर बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकाारियों का कहना है कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने भवन अभी तक हस्तांतरित नहीं किए हैं। इसके लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। भवन हस्तांतरित होने पर 15 सदस्यीय टीम निर्माण की गुणवत्ता की जांच करेगी और उसके बाद बच्चों को नए भवन में बैठाया जाएगा।
लहचौड़ा, सिंगौली तगा व भैड़ापुर में बाहर बैठाकर करा रहे पढ़ाई
भवन हस्तांतरण नहीं होने से लहचौड़ा गांव में बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के प्रधानाध्यापक नरेश कुमार का कहना है कि भवन जर्जर होने के बाद नए भवन का निर्माण कराया गया था, मगर अभी तक नए भवन में पढ़ाई कराने के निर्देश नहीं मिले हैं। सिंगौली तगा और भैड़ापुर में स्कूल के नए भवन पर ताला लटका हुआ है। बच्चों को बाहर मैदान में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है।
पूरनपुर में जर्जर भवन में कराई जा रही पढ़ाई
पूरनपुर नवादा गांव में नया भवन होने के बावजूद बच्चों को जर्जर भवन में पढ़ाया जा रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक आरती गौरव का कहना है कि भवन जर्जर हो गया है, अभी विद्यालय को नए भवन में शिफ्ट करने के निर्देश नहीं मिले हैं। बच्चों को मजबूरन जर्जर भवन में पढ़ाना पड़ रहा है।
बरनावा में दूसरे विद्यालय में कराई जा रही पढ़ाई
बरनावा में प्राथमिक विद्यालय का भवन बनकर तैयार हो गया है। भवन हस्तांतरित नहीं होने से बच्चों को गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण कराया जा रहा है। इस तरह परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
-विभाग को अभी नए भवन हस्तांतरित नहीं हुए हैं। इसके लिए विभाग की ओर से पत्र भेजा गया है। भवन हस्तांतरित होने के बाद 15 सदस्यीय टीम निर्माण की जांच करेगी और उसके बाद बच्चों को नए भवन में पढ़ाया जाएगा। - सौरभ शुक्ला, जिला समन्वयक निर्माण
-भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। अभी मैं संभल में हूं, वापस लौटकर विभाग को भवन हस्तांतरित कराए जांएगे। हबीबुल्ला, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग