शहीदों की आत्मा की शांति के लिए मांगी दुआएं
बागपत। पुलवामा के शहीदों को श्रद्धाजंलि देने का दौर जारी है। आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना हो रही है। मस्जिदों में दुआएं की गई। बच्चों ने जुलूस निकालाकर शहीदों को नमन किया और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए। वहीं सैनिक राहत कोष में धनराशि भी जमा कराई जा रही है।
बंदपुर गांव की प्रधान मंजू चौधरी ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने पुलवामा के शहीद परिवारों के लिए अपना दो माह का वेतन चेक के माध्यम से डीएम पवन कुमार को सौंपा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रधान रहेगी तब तक अपना वेतन शहीदों के नाम देती रहेगी। अन्य प्रधानों को भी इसके लिए पहल करनी चाहिए। प्रधान के पति प्रवीण चौधरी मौजूद रहे। वहीं मवीकलां गांव के लोगों ने शामली में शहीदों के परिवार को 51 हजार रुपये का चेक सौंपा। राजकुमार, कंवरपाल, अरविंद, विपिन कुमार, वरूण कुमार, तरूण धामा, प्रवीण, विवेक धामा, भीम धामा मौजूद रहे।
छपरौली के बदरखा गांव में पुलवामा के शहीदों को श्रद्धाजंलि दी गई। शांति मार्च किया। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। मार्च में हिंदू और मुस्लिमों ने हिस्सा लिया। मौलाना इरफान मोहम्मद, शफी, मनोज, कपिल, यासीन, बिजेंद्र, रवि, विपुल, सरवर, गौरव, रिजवान, शब्बीर, शमशाद मौजूद रहे।
अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित कस्बा देशवाल पट्टी में स्थित मस्जिद में जुम्मे की नमाज के बाद पुलवामा के शहीदों की आत्मा की शांति के लिए अमन चैन की दुआ मांगी। शहीदों को श्रद्धाजंलि दी गई। मौलवी हाजी जहीर अहमद ने अपनी तहकरीर में कहा कि इस्लाम अमन चैन और मोहब्बत का पैगाम देता है। जो हमारे देश, हमारे जवानों पर हमला करता है वे हम पर हमला होता है। ऐसे दरिंदों को मुंह तोड जवाब देना होगा। आतंकवादियों की कोई जाति, धर्म नहीं होता। इन्हें सबक सिखाना होगा। मौलवी हाजी जहीर अहमद, हाजी गफ्फार खान, ताहिर, मफूर, गुलाब, काले, सलीम, पूर्व सभासद यामीन खान, यासीन, इस्लाम, मोहम्मद लतीफ, अलीहसन, मोहम्मद तकी, जमशेद, अय्यूब, पूर्व सभासद युनूस खान, सुहैल अहमद मौजूद रहे।