बागपत। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद को इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं बताने वाले 1994 के फैसले को पुन: विचार के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से इंकार पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि प्रकरण बड़ी बेंच के पास भेजा जाना चाहिए था, जबकि हिंदू संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का का फैसला सही है।
बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शहर काजी हबीबुर्रहमान का कहना है कि इस प्रकरण की सुनवाई अगर बड़ी बेंच में होती तो इसमें कोई हर्ज नहीं था। सभी धर्मों और समाज के लोग अदालत का सम्मान करते हैं, लेकिन कोशिश यह होनी चाहिए कि धर्म के मामलों को अदालतों में न उछाला जाए। इससे लोगों की आस्था और विश्वास को ठेस पहुंचती है।
भगवा सेना का जिलाध्यक्ष सुनील चौहान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही है। नमाज प्रकरण में पुनर्विचार की गुंजाइश ही नहीं है। इसके अलावा अयोध्या मामले की सुनवाई 29 अक्तूबर से होने पर चौहान ने कहा कि यह सही है। सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तेजी से पैरवी कर आगे बढ़ना चाहिए। यह लोगों की आस्था का सवाल है। मुस्लिम समाज के लोगों को भी सहयोग करना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर का कहना है कि तथ्यों के आधार पर फैसले में कोई बुराई नहीं है। तथ्य भी मंदिर के पक्ष में हैं और जनभावनाएं भी मंदिर के पक्ष में ही हैं।
सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही है। लोकसभा चुनाव नजदीक है, इसकी वजह से फिर अयोध्या प्रकरण को उछाला जा रहा है। धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
पंडित राजकुमार शास्त्री का कहना है कि अयोध्या प्रकरण का जल्द निपटारा होना चाहिए। लोग कई साल से इंतजार कर रहे हैं, इसे चुनावी मुद्दा बनाने के बजाए अब धरातल पर काम करना चाहिए।
पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान, रहा अलर्ट
बागपत। अयोध्या प्रकरण को लेकर पुलिस अलर्ट रही। बाजारों और चौराहे पर चेकिंग अभियान चलाया गया। माहौल सामान्य रहा।