छपरौली (बागपत)।
जिस परिवार में अपने से बड़ों का सम्मान किया जाता है, उस परिवार में ही संपन्नता आती है और उनसे भगवान भी प्रसन्न रहते हैं। जो मानव ऐसा नहीं करते, उसका जीवन पतन की ओर चला जाता है।
कस्बे की मंडी में आयोजित श्रीमद भागवत में मथुरा से पहुंचे पचौरी जी महाराज ने कहा कि हमें अपने माता पिता सहित अन्य परिवार के बड़ों की सेवा करनी चाहिए, इससे परिवार में संपन्नता आती है और भगवान उस परिवार को विपत्ति से बचाते हैं। ऐसे परिवार में खुशी का आगमन होता है और शुभ कार्य पूरे होते हैं। इसके विपरीत जिस परिवार में बड़ा का आदर मान नहीं रखा जाता वे पतन की ओर अग्रसित होते हैं। उनमें भगवान कभी भी प्रसन्न नहीं रहते हैं, भले ही वे किसी भी तरह से पूजा अर्चना करते हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि अतिथि तो अतिथि ही होता है, वह सम्मान का पात्र है। हमारे देश में अतिथि को देव के समान माना गया है । अपने जीवन में जो अतिथि को भोजन कराने के बाद भोजन करते हैं, वह गृहस्थ धन्य है। धर्मसभा में रेनू, पायल, मानसी, पारुल जैन, रश्मि, पूजा, गोल्डी, शारदा, मनीषा, कुसुम, पूनम, पिंकी, सुनील, विकास, अमन, नीरज, छोटू, जय कुमार, प्रदीप, मोनू आदि रहे।