बागपत। दो शिक्षिकाओं के ट्रांसफर के मामले में बीएसए ऑफिस में फाइल लटकी होने पर रालोद के छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने बीएसए योगराज सिंह से नाराजगी जाहिर की। रालोद विधायक ने बीएसए से कहा कि जनप्रतिनिधियों को गुमराह करना ठीक नहीं है।
छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने अपने क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों की दो शिक्षिकाओं की संबद्धता दूसरे स्कूलों में करने की बात कही थी। सोमवार को विधायक रमाला कलक्ट्रेट में डीएम भवानी सिंह खंगारौत से मिले और शिक्षिकाओं की फाइल उनके दफ्तर में पेंडिंग होने की बात कही। इस पर डीएम ने कहा कि उन्हें इस तरह की कोई फाइल नहीं मिली है। इसके बाद विधायक कलक्ट्रेट से निकले और सीधे विकास भवन में पहुंचे। वहां सभाकक्ष के बाहर विधायक ने बीएसए से कहा कि फाइल को लेकर वह गुमराह कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से झूठ बोलना गलत है। विधायक ने बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। बीएसए का कहना है कि डीएम भवानी सिंह खंगारौत को मामले से अवगत कराया है।
प्रकरण विधानसभा में उठाया जाएगा
बागपत। विधायक सहेंद्र सिंह रमाला का कहना है कि प्रकरण विधानसभा में उठाया जाएगा। जनहित और मानवहित में अपने क्षेत्र की दो शिक्षिकाओं की संबद्धता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बीएसए ने फाइल लटका दी। शिक्षिकाओं से ट्रांसफर के नाम पर रुपये भी मांगे गए। सीएम योगी आदित्य नाथ को भी इस प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
बीएसए पर इसलिए जताई नाराजगी
बागपत। महिला शिक्षक श्याम बाला रंछाड़ की रहने वाली है। उसकी तैनाती है बिनौली में है। सात माह की गर्भवती होने के कारण स्कूल आने जाने में परेशानी हो रही है। विधायक का कहना था कि शिक्षिका की संबद्धता रंछाड़ के स्कूल में ही कर दी जानी चाहिए। इसके अलावा शिक्षिका इंद्रा है, शामली में रहती है। जलालपुर में कार्यरत हैं। विधायक का कहना था कि शिक्षिका को ऐसा स्कूल दे दिया जाए, ताकि शिक्षिका को आवागमन में परेशानी न हो। दोनों शिक्षिकाओं की फाइल बीएसए दफ्तर में लटकी है और बीएसए योगराज सिंह कह रहे थे कि फाइल डीएम दफ्तर में भेज दी है।