बागपत में सिंघावली के ग्रामीणों ने घर-घर जाकर एक लाख रुपये का चंदा इकट्ठे कर बंदरों को पकड़वाया। ग्रामीणों की सूचना पर कांधला से गांव पहुंची बंदर पकड़ने की टीम 250 बंदरों को पकड़कर ले गई।
सिंघावली गांव के लोग बंदरों के आतंक से परेशान थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़वाने की मांग भी की थी। डीएम ने ग्रामीणों से बंदर को खुद पकड़वाकर सहारनपुर के जंगल में छोड़ने की अनुमति दी थी। डीएम की अनुमति मिलने पर ग्रामीणों ने गांव के बंदरों को पकड़वाने के लिए समिति बनाई गई।
समिति के लोगों घर-घर जाकर बंदर पकड़वाने के लिए एक लाख रुपये का चंदा इकट्ठे कर कांधला शामली में बंदर पकड़ने वाली टीम से संपर्क किया। बंदर पकड़ने वाली टीम ने एक बंदर पकड़ने के लिए 400 रुपये मांगे। ग्रामीणों की सहमति पर बुधवार को गांव के बंदर पकड़ने के लिए कांधला की टीम गांव पहुंची। कांधला से आई टीम गांव के 250 बंदरों को पकड़कर ले गई। टीम ने पकड़े गए बंदरों को सहारनपुर के जंगल में छोड़ेगी।
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समिति के नाहर सिंह, चरण सिंह, जयभगवान, चरण सिंह फौजी व मनोज कुमार ने बताया कि डीएम से बंदरों को पकड़वाने की अनुमति मिलने पर कांधला की टीम से गांव के 250 बंदर पकड़वाए गए हैं। बंदरों के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने काफी राहत महसूस की है।
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