संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। राज्य सूचना आयोग के आदेश का पालन न करने और सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के नियमों और प्रावधानों का पालन नहीं करने पर सूचना आयोग ने जिला प्रोबेशन अधिकारी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि उनके वेतन से वसूल कर राजकोष में जमा कराई जाएगी। आयोग ने अर्थदंड की वसूली की आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता अधिवक्ता पवन तिवारी ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम अंतर्गत जिला प्रोबेशन अधिकारी से बाल सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। सूचना उपलब्ध न होने पर राज्य सूचना आयोग में शिकायत की थी। चुनाव आयोग ने मामले में सुनवाई करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को साक्ष्य पेश नहीं कर पाने पर आयोग ने सूचना न देने का दोषी मानते हुए उन पर 25000 का अर्थदंड लगाया है। आयोग ने अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास को अर्थदंड की वसूली प्रोबेशन अधिकारी के वेतन से के निर्देश दिए हैं। आयोग ने डीएम को प्राबेशन अधिकारी से अर्थदंड की वसूली की आख्या भी मांगी है।