दोघट । एनजीटी के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने हिंडन और कृष्णा नदी के किनारे बस 25 गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बीमार लोगों की जांच की। इनमें श्वांस, पीलिया, खाज-खुजली के ज्यादा मिले। चिकित्सकों ने रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी।
चौगामा क्षेत्र में हिंडन और कृष्णा नदी में बह रहे दूषित पानी के कारण भूजल दूषित हो गया है। इस कारण हैंडपंपों से होकर यह पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है। इस दूषित पानी को पीकर लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इस पर एनजीटी ने उप्र सरकार को नदियों के किनारे बस सभी गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच के आदेश दिए।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकों की टीमों ने हिंडन और कृष्णा के किनारे के सरौरा, तवेला गढ़ी, पट्टी बंजारन, झूंडपुर, मिलाना, बोपुरा, खपराना, शाहपुर बाणगंगा, बरनावा, चिरचिटा, गल्हैता, शेखपुरा, गांगनौली, सूजती, इदरीशपुर, नांगल, इब्राहिमपुर माजरा, बामनौली, रंछाड़, गढ़ी कांगरान, पुसार समेत 25 गांवों में शिविर लगाकर बीमार लोगों की जांच की।
बिनौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल ने बताया जांच में गांवों में खाज-खुजली, श्वांस, पीलिया के मरीज ज्यादा मिले हैं। गांगनौली में कैंसर से मरने वाले 37 लोगों की लिस्ट उन्हें सौंपी । गांगनौली गांव में कैंसर से बहुत कम लोग मरे हैं। उनकी मौत अन्य बीमारियों से हुई है। एक माह तक क्षेत्र के 25 गांवों में शिविर लगाकर की जांच दी।