कोरोना के कारण सात साल से कम सजा वाले मुकदमों में अस्थायी जमानत पर छोड़े गए थे करीब 200 आरोपी
अब कुछ आरोपियों ने कोर्ट में पहुंचकर जमानत कराई, सात की जमानत निरस्त हुई, पुलिस को गिरफ्तार करने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जेल से छोड़े गए करीब 25 से ज्यादा आरोपी लापता हो गए हैं। ये सात साल से कम सजा वाले मुकदमों में जेल में बंद थे। जिनको हाईकोर्ट के निर्देश पर अस्थायी जमानत पर छोड़ा गया था, लेकिन अब कुछ आरोपियों ने कोर्ट में पहुंचकर जमानत कराई तो लापता होने वाले आरोपियों की कोर्ट ने जमानत निरस्त करनी शुरू कर दी है। यदि वे जल्द ही कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनको पुलिस पकड़ेगी।
कोरोना के मामले सामने आने के बाद संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हाईकोर्ट ने जेलों में भीड़ कम करने के निर्देश जारी किए थे। जिनमें कहा गया कि जेल में बंद सात साल के कम सजा वाले मुकदमों के आरोपियों को सशर्त अस्थायी जमानत के छोड़ दिया जाए। कोरोना के कारण कोर्ट में कामकाज बंद होने से उनकी जमानत में काफी वक्त लग सकता था। इसलिए उनको कोर्ट में काम शुरू होने पर पेश होकर जमानत कराने के लिए कहा गया था। जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि बागपत में इस तरह के करीब 200 आरोपियों को जेल से छोड़ा गया था। उनको बाद में कोर्ट में पेश होकर जमानत करानी थी, लेकिन करीब 25 से ज्यादा आरोपी ऐसे हैं जो कोर्ट में पेश नहीं हुए। वे जमानत कराने के लिए ही नहीं पहुंचे और ऐसे ही खुले घूम रहे हैं। ऐसे आरोपियों की कोर्ट ने जमानत निरस्त करनी शुरू कर दी है। उनके अनुसार सात आरोपियों की जमानत दो दिन पहले निरस्त की गई थी, जबकि अन्य कई की जमानत पहले निरस्त हो चुकी है। इसके साथ ही उन पर शिकंजा कसा जाएगा।
पेश नहीं होने पर पुलिस पकड़ेगी
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि ऐसे आरोपी अब जमानत निरस्त होने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनको पकड़वाया जाएगा। जिससे पुलिस उनको पकडक़र कोर्ट में पेश करे। वहां उनकी जमानत पर सुनवाई होगी और कोर्ट उस पर फैसला करेगी।