बागपत। जिले में यूरिया की कालाबाजारी रोकने और किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने के लिए 22 अधिकारियों को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने यह जिम्मेदारी सौंपी है, क्योंकि वर्तमान में यूरिया को लेकर आपाधापी मची हुई है और कालाबाजारी की आशंका है। उपजिलाधिकारी सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी गोदामों, दुकानों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी नजर रखेंगे।
इस समय यूरिया को लेकर आपाधापी मची हुई है और किसानों की समितियों पर लाइन लगी है। अधिकारियों को अंदेशा है कि यूरिया का स्टॉक लगाकर कालाबाजारी की जा सकती है। अंतरराज्यीय सीमाओं के निकटवर्ती जनपदों में यूरिया की कालाबाजारी अधिक होने की आशंका रहती है। इसलिए ही यूरिया के अवैध बिक्री, उपलब्धता एवं वितरण की निगरानी और प्रदेश के बाहर यूरिया भेजने से रोकने के लिए नजर रखी जाएगी। इसके लिए डीएम अस्मिता लाल ने अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है। यह अफसर अपने क्षेत्र/तहसील में यूरिया व डीएपी की कालाबाजारी रोकने, सही वितरण कराने के लिए निरीक्षण करेंगे। अनियमितता मिलने पर जिला कृषि अधिकारी स्तर से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। यदि लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
जिला स्तर पर कृषि उप निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला गन्ना अधिकारी और उनके साथ तीन कर्मचारी लगाए गए हैं। तीनों तहसील में बागपत, बड़ौत व खेकड़ा में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार को जिम्मेदारी सौंपी है। ब्लॉक स्तर पर बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, खेकड़ा, पिलाना के बीडीओ, सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता को शामिल को किया गया है। न्याय पंचायत स्तर पर लेखपाल, प्राविधिक सहायक व अन्य कर्मचारी रोजाना निगरानी कर डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।