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बागपत जेल में बंदी पढ़ेंगे मुंशी प्रेमचंद की कहानियां

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बागपत। जिला कारागार में बंद विचाराधीन बंदियों में सुधार लाने और साहित्य से जोड़ने का काम किया जाएगा। डीएम की पहल पर जेल में लाइब्रेरी की स्थापना होगी। पहले चरण में लाइब्रेरी में 50 हजार रुपये कीमत की किताबों को बंदियों के लिए रखवाया जाएगा। धार्मिक किताबों के अलावा आजादी के आंदोलन की कहानियां। देश के इतिहास और सामाजिक विषयों के उपन्यास भी रखवाए जाएंगे। मुंशी प्रेम चंद की कहानियां भी लाइब्रेरी में बंदियों को पढ़ने के लिए मिलेगी।
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डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला कारागार में विजिट के दौरान बंदियों ने बातचीत के दौरान यह मांग रखी थी। खाली समय को सकारात्मक तरीके से प्रयोग करने के लिए कुछ बंदियों ने किताबें उपलब्ध कराने के लिए कहा । इसके बाद जेल में लाइब्रेरी बनाने का विचार आया। प्रथम चरण में 50 हजार रुपये का बजट तैयार किया। जिला कारागार के एक कमरे को लाइब्रेरी में बदला जाएगा और विभिन्न विषयों की किताबें खरीदकर यहां रखा जाएगा। नियमानुसार किताबें बंदियों को पढ़ने के लिए दी जाएगी। इससे निश्चित तौर पर बंदियों को लाभ होगा और वह सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएंगे। सुधार के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। बीएसए योगराज सिंह को विभिन्न विषयों की किताबें खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी है।


21 अप्रैल को लाइब्रेरी का शिलान्यास
बागपत। जिला स्तरीय लाइब्रेरी का निर्माण बड़ौत में किया जाएगा। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने बताया 21 अप्रैल को बड़ौत में जिला स्तरीय लाइब्रेरी का शिलान्यास किया जाएगा। गौरतलब है कि लंबे समय से लाइब्रेरी के निर्माण की मांग की जा रही है।
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इस तरह की किताबें पढ़ेंगे बंदी
बागपत। कारागार में बंदियों को प्रत्येक धर्म की किताबें पढ़ने को मिलेगी। जेल की लाइब्रेरी में स्वतंत्रता संग्राम, सामान्य ज्ञान, कानून के अलावा मनोरंजक कहानियां वाली किताबें भी रहेंगी। ग्रामीण परिवेश से जुड़े साहित्य को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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