बड़ौत (बागपत)।
सिंचाई विभाग कार्यालय पिछलेे एक माह से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। यहां पर न तो एसडीओ बैठते हैं और न ही जेई और बाबू। फरियाद लेकर पहुंचे किसानों को भी अधिकारियों के न मिलने पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे किसानों मेें आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के बावली, बड़ौली, बरवाला, किशनपुर बिराल, छछरपुर, बिजरौल, टयौढी आदि सहित सैकड़ों गांव के हजारों किसानों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि पिछले एक माह से यहां पर न तो एसडीओ बैठते हैं और न ही जेई और बाबू। मात्र चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के भरोसे यह दफ्तर चल रहा है। वर्तमान समय में गन्ना सहित धान की फसल को सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन न तो पूर्वी यमन नहर में पानी है और न ही क्षेत्र में पड़ने वाले रजबाहों और माइनरों में पानी नहीं है। इस कारण किसानों की फसल सूखकर बर्बाद हो रही है।
किसानों ने बताया कि तहसील में 22 दिन से नहरों की सफाई कराने, नहरों और रजबाहों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर धरना चला, लेकिन किसी भी सिंचाई विभाग के अधिकारी ने धरने पर आने भी मुनासिफ नहीं समझा। धरने के बीच जब समय निकालकर किसान सिंचाई विभाग के दफ्तर पर पहुंचे तो वहां पर दफ्तर बंद मिलता। ऐसे मेेें किसान शिकायत करें भी तो कहां पर करें। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर सिंचाई विभाग के दफ्तर पर धरना शुरू करने की चेतावनी दी। चेतावनी देने वालों मेें सुधीर, राजपाल, अनिल कुमार एडवोकेट, रणधीर सिंह, संदीप, अमरपाल, मोनू, सत्यपाल, इकबाल, योगेश आदि रहे।