वित्त विहीन शिक्षकों का मूल्यांकन केंद्र के बाहर धरना जारी है। वक्ताओं ने सरकार को शिक्षक विरोधी बताते हुए नारेबाजी की। सुप्रीम कोर्ट की घोषणा का लागू नहीं किया तो इसके विरोध में शिक्षक किसी भी हद तक जाकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मूल्यांकन केंद्र श्री यमुना इंटर कॉलेज के बाहर वित्त विहीन शिक्षकों को नौ दिनों से मांगों को लेकर धरना जारी है। जिलाध्यक्ष रमेशचंद यादव ने कहा प्रदेश सरकार शिक्षक विरोधी है। सुप्रीमो कोर्ट के घोषणा को भी लागू नहीं कर रही है। समान कार्य समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। मांग पूरी नहीं हुई तो शिक्षक बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। धरने पर पहुंचे माध्यमिक शिक्षक संघ के देवेंद्र सोलंकी ने बताया कि वित्त विहीन शिक्षक के कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेंगे। सरकार से जायज मांग की जा रही है, जिस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा विभिन्न वित्त विहीन विद्यालयों से पहुंचे शिक्षकों ने महासभा की इकाईयों का गठन किया। शिक्षक अजय कौशिक ने शिक्षकों को योग की विभिन्न आसन कराकर अपना विरोध प्रकट किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि आज सोमवार को डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें प्रेमचंद शर्मा, दीपक पांचाल, अरुण त्यागी, सत्यप्रकाश, वीरेंद्र सिंह, अंकुर त्यागी, रेखा, प्रदीप, पंकज, गौरव, मुकेश, अशोक बंधु मौजूद रहे।