बड़ौत (बागपत)।
प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में हर किसान को पानी मिले, इसके लिए चार राष्ट्रीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। वर्ष 2018 से 2020 तक इन परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में 36 अधिकारियों को निलंबित किया और जनपद को डार्क जोन से समाप्त किया।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे मंत्री ने सिंचाई विभाग के बंगले में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में योगी सरकार का एक वर्ष पूरा होने को हैं। इसमें सुरक्षा, विकास, कानून - व्यवस्था बेहतर हुई है। प्रदेश में अपराधी या तो जमानत तुड़वाकर जेल जा रहे हैं या राज्य छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में खेती से ही विकास होता है और अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। खेती के लिए सिंचाई का बहुत महत्व है। उत्तर प्रदेश में अब पानी का अभाव नहीं है। 25 साल के बाद नहरों में पानी पहुंचने लगा है और माईक्रोमेशन की व्यवस्था प्रदेश में लागू की गई है, जिसके लिए सरकार किसानों को अनुदान भी दे रही है।
उन्होंने कहा कि अंतर राज्यीय स्तर पर भी परियोजना शुरू की गई है। प्रदेश की नदियों को अन्य प्रदेश की नदियों से जोड़ा जाएगा, इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना में राजकीय नलकूप लगाए जाएंगे और केंद्र सरकार के द्वारा उप्र की नदियों में पोर्ट बनवाए जाएंगे।
जब उनसे पूछा गया कि गोरखपुर और फूलपुर, जो मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र थे, वहां भाजपा की करारी हार क्यों हुई तो वे सटीक उत्तर नहीं दे पाए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान भाजपा नेता भास्कर दत्त शर्मा, प्रदीप ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, जसवीर सोलंकी, डॉ. पुष्पेंद्र तोमर, रविंद्र राठी, नीरज शर्मा, वेद पाल उपाध्याय, आदेश तोमर आदि ने उनका स्वागत किया।