- दिल्ली से चलने से पहले बैंक खाते से निकाले थे बीस हजार रुपये, गायब मिले
- पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया, परिजनों ने कहा कि लूट भी हुई
अमर उजाला ब्यूरो
बालैनी/अमीनगर सराय (बागपत)। मेरठ के डालूहेड़ा गांव के सिपाही मनीष यादव की हत्या के मामले में परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सिंघावली अहीर थाने पहुंचे परिवार के लोगों ने कहा कि मनीष से 20 हजार रुपये की लूट हुई है, लेकिन पुलिस ने सिर्फ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है।
डालूहेड़ा गांव के रहने वाले मनीष यादव के परिजन सिंघावली अहीर थाने पहुंचे। भाई अमरदीप का कहना है कि दिल्ली से चलते वक्त मनीष ने एटीएम के जरिए 20 हजार रुपये निकाले थे। बदमाशों ने वारदात के वक्त उससे रुपये लूट लिए। मगर, पुलिस ने यह मामला अभी तक लूट की धाराओं में दर्ज नहीं किया है। पुलिस पहले देरी से मौके पर पहुंची। घायल को आसपास के लोगों ने ही मदद की ओर ई-रिक्शा चालक से पिलाना सीएचसी भिजवाया था।
क्या था मामला
अमीनगर सराय। मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के डालूहेड़ा गांव निवासी दिल्ली पुलिस में सिपाही मनीष यादव को बदमाशों ने निशाना बनाया था। दिल्ली से बाइक पर सवार होकर लौटते वक्त दो बाइक सवार चार बदमाशों ने मनीष यादव के साथ लूटपाट की। विरोध करने पर मनीष यादव को गोली मार दी थी। मेरठ के केएमसी अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले धारा 307 में मुकदमा दर्ज किया, जिसे बाद में 302 में तरमीम किया गया। परिजनों का कहना है कि लूटपाट की धारा नहीं जोड़ी गई है। सीओ सदर ओमपाल सिंह का कहना है कि जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा होगा।