बड़ौत (बागपत)।
चीनी मिलों और फैक्ट्रियों का दूषित पानी आने से कृष्णा नदी प्रदूषित हो गई, इसके सेवन से नदी के पास बसे गांवों मेें भयंकर बीमारियों फैल रही है, क्योंकि नदी का दूषित पानी हैड़पंपों के जरिये लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, इससे ग्रामीण आए दिन किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हो रहे है, उन्होंने नदी मेें पानी छुड़वाने की मांग उठाई।
कृष्णा नदी के किनारे दोनों ओर रंछाड़, गांगनौली, बामनौली, बरनावा आदि सहित दर्जनों गांव पड़ते हैं। नदी में वर्षों से चीनी मिलों और फैक्ट्रियों का दूषित पानी डाला जा रहा है। इससे नदी का पानी प्रदूषित हो गया है, यहीं कारण है कि नदी के प्रदूषित पानी से लोग कैंसर, पेट दर्द, चर्म रोग आदि बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं, क्योंकि नदी का दूषित पानी हैड़पंपों केे जरिये लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। दूषित पानी के सेवन से अब तक सैकड़ों ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र हट्टी सहित क्षेत्रवासियों ने सोमवार को मेरठ कमिश्नर से मिल कर नदी में पानी छोडे़ जाने की मांग उठाई, ताकि नदी का पानी साफ हो सके। पहले भी ग्रामीणों की मांग पर नदी में पानी छोड़ा जा चुका है, लेकिन फिर से केमिकल युक्त पानी बहने से नदी का पानी दूषित हो जाता है। ग्रामीणों ने समस्या से निजात दिलाने की मांग की।