फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रंग ला रही मुहिम, 185 गोद लिए बच्चों ने दी टीबी को मात

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। टीबी के मरीज बच्चों को गोद लेने के लिए 2019 में शुरू की गई मुहिम रंग ला रही है। जिले में अब तक 185 गोद लिए बच्चों ने टीबी को मात दी है। वर्ष 2021 में 31 मार्च तक जिले में प्रशासनिक, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 55 नए बच्चे गोद लिए हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले में टीबी के मरीजों के उपचार पर 60 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसमें टीबी के मरीजों को निक्षय पोषण योजना अंतर्गत प्रतिमाह 500 रुपये का भुगतान किया गया है। इनके अतिरिक्त मरीजों को दवा खिलाने के लिए आशा को प्रति मरीज एक हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
विज्ञापन

राज्यपाल आनंदीबेन ने वर्ष 2019 अगस्त में टीबी के शून्य से 18 वर्ष के मरीजों को गोद लेने की मुहिम शुरू की थी। जिले में अगस्त 2019 से मार्च 2021 तक 298 मरीजों को गोद लिया है। इनमें से 185 बच्चों ने टीबी को मात दी है और अन्य 113 बच्चों का उपचार जारी है। 133 गोद लिए बच्चों में से 55 बच्चे वित्तीय वर्ष 2021 में 31 मार्च तक गोद लिए हैं।
अधिकारी व कर्मचारी कर रहे निगरानी
जिले में प्रशासनिक अधिकारियों के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी, क्षय विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी, सीएचसी अधीक्षक, एनजीओ, रेडक्रॉस सोसायटी, समाजसेवी बच्चों को गोद लेकर निगरानी कर रहे हैं।
विज्ञापन

आशाओं को दिए जाते हैं प्रति मरीज एक हजार
टीबी के मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आशा की है। उसे मरीजों को दवा पहुंचाने के लिए उसके ठीक होने पर प्रति मरीज एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
पोषण के लिए दिए जाते हैं 500 रुपये
निक्षय योजना अंतर्गत टीबी के मरीजों को पोषण के लिए प्रतिमाह पांच सौ रुपये प्रदान किए जाते हैं। धनराशि डीबीटी के माध्यम से पीड़ित के खातों में स्थानांतरित की जाती है।
एक वर्ष में खर्च किए गए 60 लाख
जिले में टीबी के मरीजों के उपचार के लिए वित्तीय वर्ष में 60 लाख धनराशि खर्च की गई है। इसमें मरीजों को निक्षय योजना अंतर्गत मिलने वाली राशि के अतिरिक्त आशाओं को प्रति मरीज दी जाने वाली राशि शामिल है।
जिले में टीबी के 1400 मरीज एक्टिव
जिले में टीबी के 1400 मरीज एक्टिव हैं। उनका स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपचार कराया जा रहा है। आशा मरीजों के घर पर निशुल्क दवा उपलब्ध करा रही है।
वर्जन
जिले में मार्च 2021 तक गोद लिए 298 बच्चों में से 185 बच्चों ने टीबी को मात दी है। विभाग की ओर से मरीजों को पोषण के 500 रुपये और मरीज ठीक होने पर आशा को मरीजों को दवा पहुंचाने के लिए एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में टीबी के मरीजों के उपचार पर 60 लाख रुपये किए हैं।-डॉ. यशवीर सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें