बड़ौत (बागपत)।
रविवार को गांव के एक अन्य ग्रामीण को एक अन्य पैराशूट, एक कैप व पंप मिला। सोमवार को गांव में पहुंचे एयर फोर्स के अफसरों को ग्रामीणों ने मिला पैराशूट, एक कैंप व पंप साैंपा। हालांकि अभी भी विमान के तेल की टंकी का ढक्कन गायब है।
शुक्रवार को हिंडन एयरफोर्स स्टेशन गाजियाबाद से प्रशिक्षण के लिए उड़ा दो सीटर माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट एमएल 130 इंजन में तकनीकी खराबी के कारण रंछाड़ गांव में गिरा। पायलटों ने इसकी आपात लेंडिंग का प्रयास भी किया, लेकिन पैराशूट पेड़ में उलझने के कारण विमान सुरक्षित नहीं उतर सका। विमान का अगला हिस्सा जमीन से टकराकर खेत में धंस गया। दोनों पायलटों ने कूदकर अपनी जान बचा ली। इसके बाद पुलिस प्रशासन और एयरफोर्स के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों ने भी काफी मदद की।
शनिवार को रंछाड़ गांव में हुए क्रैश हुए विमान स्थल पर हेलीकाप्टर से पहुंचे एयर फोर्स के फ्लाइंग आफिसर जे जोशिफ व एसके सिंह ने हादसा स्थल पर ग्रामीणों की मदद से सर्च अभियान चलाकर पैराशूट की पट्टी तलाश की। वहीं रविवार को गांव के रफीक को अपने खेत मेें एक अन्य पैराशूट मिला है। ग्रामीण रविंद्र हट्टी ने बताया कि रफीक के खेत में एक अन्य पैराशूट व एक पट्टी मिली, जो उसने हरेंद्र कवेंद्र, जय कुमार को सौंप दी । सोमवार को एयर फोर्स के अफसर लक्ष्मी प्रकाश श्रीनिवास व एस कुमार गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने मिला हुआ पैराशूट, एक कैंप व पंप उन्हें सौंपा। प्रधान देवेंद्र तोमर ने बताया कि अभी विमान के तेल की टंकी का ढक्कन गायब है। अफसरों ने बताया कि वह बहुत महत्वपूर्ण है। उधर भारतीय वायु सेना की मदद के लिए प्रधान देवेंद्र, किसान नेता रविंद्र हट्टी, कपिल आदि युवक कर रहे हैं।
लाइनमैन हो गया था घायल
बड़ौत। विमान हादसे के दौरान जब विमान को सड़क पर लाया जा रहा था तो मदद करने के लिए गांव में तैनात में लाइनमैन मनोज भी मामूली रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में हिसार में क्रैश हुआ था, कोई जनहानि नहीं हुई थी।