मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना से 18 गांवों में अब नहीं होगा विकास
बागपत। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना से जिले को बाहर कर दिया गया है। चयनित किए गए 18 गांवों में अब कोई विकास नहीं होगा। शासन से केवल 57 जिलों का चयन किया गया है। जिले में चयनित किए गए 18 गांवों के लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बताया कि बागपत को योजना से बाहर कर दिया गया है।
शासन स्तर से मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना संचालित की गई थी। जिला स्तर पर इसके लिए उन गांवों का चयन करने के निर्देश दिए थे। सैनिकों के गांव और मूलभूत सुविधाओं से पिछड़े हुए है। शासनादेश के बाद जिला प्रशासन ने इस पर कार्रवाई शुरू की। जनप्रतिनिधियों से भी इसका सहयोग लिया गया है। इसके बाद पांच ब्लाकों के 18 गांवों का चयन किया गया। इसकी कार्ययोजना भी बना ली गई। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने 18 चार्ज ऑफिसर भी नियुक्त कर दिए गए। कार्यक्रमों से अवगत करा दिया गया। चयनित किए गए गांवों में विकास कार्यो की समीक्षा होनी शुरू हो गई। जिले के अफसरों को उस दौरान झटका लगा जब पता चला की जिले को इस योजना से बाहर कर दिया गया है। अब यहां पर शासन से निर्धारित किए गए प्रस्तावित कार्य नहीं हो सकेंगे। फिर से ये गांव विकास से पिछड़ जाएंगे। चयनित गांवों के लोगों के अरमानों पर सरकार ने पानी फेर दिया है। फिर से गांव के लोग उसी पुरानी जीवन शैली पर कार्य करेंगे। परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बताया कि शासन को भेजी गयी 18 गांवों की सूची को निरस्त कर दिया है। योजना से बागपत को बाहर किया गया है। बागपत सहित 18 जिले जो योजना में शामिल नहीं किए गए। 57 जिले के गांवों का चयन हुआ है।
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ये गांव किए गए थे शामिल
ढिकौली, हबीबपुर नंगला, अहमदशाहपुर पदड़ा, कर्मअलीपुर गढ़ी, सूरजपुर महनवा, भागोट, सुन्हैड़ा, डगरपुर, घिटौरा, बिजवाड़ा, आजमपुर मुलसम, मौजिजाबाद नांगल, मांगरौली, रहतना, सूप राजपुर, छछरपुर, शबगा और इब्राहिमपुर माजरा की जिम्मेदारी दी है।
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18 गांवों में होने थे प्रस्तावित कार्य
सडक़, विद्युतीकरण, पेयजल, पेंशन, स्वास्थ्य, राशन कार्ड, शिक्षा, आवास, स्वच्छता, कौशल विकास आजीविका, कृषि योजना, आंगनबाड़ी केंद्र, पौधरोपण, वैकल्पिक मार्ग प्रकाश् की व्यवस्था सोलर स्ट्रीट लाइट, राष्ट्रीय साक्षरता मिशन, मनरेगा, तालाबों का जीर्णोद्वार, शहीद सैनिकों की प्रतिमा स्थापना, किसान क्रेडिट कार्ड, डेयरी प्रसंस्करण के कार्य प्रस्तावित थे।
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समिति का भी किया गया था गठन
गांवों में विकास के लिए अफसरों की समिति का भी गठन हो गया था। सीडीओ को अध्यक्ष और पीडी को सदस्य सचिवत मनोनित किया गया है। इसके अलावा डीडीओ, संबंधत तहसील के एसडीएम, डीपीआरओ, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ को सदस्य मनोनीत किया गया था।