दोघट (बागपत)। कस्बे में खुरपका-मुंहपका बीमारी से पशुओं की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बीमारी से सांड़ की मौत हो गई। बीमारी से ग्रसित छह सांड़ को ग्रामीण इलाज के लिए हरियाणा के झज्जर ले गए हैं। पशु चिकित्सकों की टीम ने कस्बे में डेरा डाल लिया है और पशुओं का इलाज करने में जुटी हुई है।
कस्बे में पिछले दस दिन से पशुओं में खुरपका-मुंहपका बीमारी से 15 पशुओं की मौत हो चुकी है और सैकड़ों पशु बीमार हैं। इससे पशु पालकों में दहशत फैली है। पशु पालकों का कहना है कि पशुओं को चिकित्सकों ने खुरपका-मुंहपका के टीके लगाए थे, लेकिन इसके बावजूद पशुओं में बीमारी फैल गई, इसकी जांच कराई जाए। पशु चिकित्साधिकारी बिनौली एवं नोडल अधिकारी डॉ. अक्षय बालियान ने बताया कि हर छह माह बाद पशुओं में खुरपका-मुंहपका के टीके लगाए जाते हैं। इस समय भी टीकाकरण चल रहा है। इस बीमारी में सात तरह के विषाणु पाए जाते है। टीकाकरण के बाद भी पशु बीमार हो रहे हैं, इसकी जांच कराई जा रही है। पशु के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। दोघट के आसपास के सभी गांवों में पांच दिन में टीकाकरण करा दिया जाएगा। दोघट कस्बे में चार सदस्य टीम लगाई गई है। टीम घर-घर जाकर बीमार पशुओं का इलाज करेगी।