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बागपत के डेरा अनुयायी भी हुए चोटिल, गुपचुप करा रहे इलाज

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बागपत। पंचकुला में डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद भड़की हिंसा में बागपत के डेरा अनुयायी भी चोटिल हुए हैं। इनकी संख्या बीस से अधिक बताई जा रही है। गुपचुप तरीके से इलाज कराया जा रहा है। सेवादारों का कहना है कि अधिकतर बड़ौत क्षेत्र के रहने वाले हैं। शुक्रवार को पंचकुला में भिड़े डेरामुखी समर्थकों पर पुलिस और सेना ने सख्ती की। डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा के सेवादार बिजेंद्र कश्यप का कहना है कि शुक्रवार रात करीब तीन बजे तक बड़ी संख्या में समर्थक वापस आए। इनमें करीब बीस श्रद्धालु पुलिस की लाठी से चोटिल होने की जानकारी मिल रही है, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सेवादार का कहना है कि वह आश्रम से जुडे लोगों से जानकारियां जुटा रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि बीस से अधिक अनुयायी चोटिल हुए हैं।
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बरनावा आश्रम के 65 लोगों को सूची दी
बागपत। शनिवार रात बरनावा आश्रम में पीएसी तैनात कर दी गई है। आश्रम का गेट बंद है और अंदर पीएसी है। सेवादारों ने बताया कि प्रशासन को यहां से अंदर बाहर जाने वाले 65 लोगों को सूची प्रशासन को दी गई है। इन लोगों के अलावा आश्रम में नो एंट्री कर दी गई है।

बरनावा आश्रम में खेती और पशु पालन
बागपत। वर्ष 1980 में स्थापित बरनावा आश्रम के पास करीब पौने पांच सौ बीघा जमीन है। हिंडन नदी के किनारे इस जमीन पर आश्रम है। खाली पड़ी जमीन पर खेती होती है। सैकड़ों परिवार आश्रम के अंदर कॉलोनी में रहते है। यही लोग खेती की देखभाल करते हैं। करीब पचास गाय-भैस भी पाल रखी है। सेवादार बताते हैं कि यहां उगाई जाने वाली सब्जी अगर अधिक होती है तो बेच दी जाती है। दूध अधिकतर आश्रम में ही प्रयोग होता है। कॉलोनी में रहने वाले लोग इसे खरीदते हैं।
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