बागपत। दोघट थाना क्षेत्र के दाहा गांव के पास से ढाई साल पहले विज्ञापन एजेंसी संचालक सुधीरपाल राणा से लूट के मामले में तीन आरोपियों को दस-दस साल की सजा सुनाई गई। एडीजे द्वितीय स्पेशल एससी/एसटी एक्ट डॉ. मनु कालिया की कोर्ट में फैसला सुनाया गया।
एडीजीसी चश्मवीर सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2016 को दाहा गांव निवासी सुधीरपाल राणा पुत्र स्व. विक्रम सिंह डस्टर कार से मेरठ से दाहा गांव लौट रहे थे। बरनावा मार्ग पर दाहा गांव के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने कार, पांच हजार रुपये, दो मोबाइल लूट लिए थे। सुधीरपाल मेरठ में विज्ञापन एजेंसी के संचालक हैं। गांगनौली गांव के पास पुलिस की घेराबंदी के चलते बदमाश गाड़ी छोड़कर भाग निकले थे। पुलिस ने नाकाबंदी कर सुमित पुत्र प्रवेंद्र निवासी मौजिजाबाद नांगल, सागर पुत्र चंद्रवीर निवासी गांगनौली व अभय पुत्र इंद्रपाल निवासी गढ़ी पुख्ता जनपद शामली को गिरफ्तार किया था। यह मामला एडीजे द्वितीय स्पेशल एससी/एसटी एक्ट डॉ. मनु कालिया की कोर्ट में चल रहा था। मुकदमे में तीन गवाह पेश किए गए। 13 दिसंबर को तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध हो गया था। मंगलवार को तीनों आरोपियों को 10-10 साल की सजा व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।