विधायक-मंत्री के प्रतिनिधियों में छिड़ा सियासी संग्राम
बागपत। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह और बागपत के भाजपा विधायक योगेश धामा के बीच सियासी टकराव नजर आने लगा है। भाजपा के दोनों दिग्गज नेता प्रकरण में चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन दोनों के प्रतिनिधियों और समर्थकों ने विकास कार्यों के श्रेय को लेकर फेसबुक और व्हाट्सएप पर एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बागपत-मुरादनगर मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति समेत अन्य कई मुद्दों का क्रेडिट लेने को लेकर इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह के नेतृत्व में बागपत के कई लोग केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडक़री से मिले थे। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण में तेजी और बागपत-मुरादनगर मार्ग को लेकर चर्चा की। डॉ सत्यपाल सिंह के फेसबुक एकाउंट पर मुलाकात के फोटो और विवरण 15 मार्च की रात नौ बजकर 30 मिनट पर पोस्ट किए गए। बागपत के भाजपा विधायक योगेश धामा के प्रतिनिधि राजीव दांगी ने इस पोस्ट को अटैच करते हुए फेसबुक पर यहां तक लिख दिया कि मंत्री जी पिछले चार साल में एक भी काम नहीं करा पाए। बागपत-मुरादनगर की स्वीकृति राज्य सरकार की है। बागपत लोकसभा के नाम से बनाए गए ग्रुप में राजीव दांगी की इस पोस्ट पर एतराज जताया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह के पर्सनल स्टाफ में कार्यरत विनीत कुमार ने भी कई जवाबी पोस्ट किए और केंद्रीय मंत्री के कार्यों और जनता के लिए किए जा रहे प्रयास को सराहा। सोशल मीडिया पर दोनों ओर से किए जा रहे पोस्ट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। सोशल मीडिया पर विधायक और मंत्री के प्रतिनिधियों के बीच छिड़ी जंग शुक्रवार को दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
पहली बार नहीं हुए अलग-अलग रास्ते
बागपत। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह और विधायक योगेश धामा के बीच सियासी टकराव का यह कोई पहला मामला नहीं है। बसी-पाबला मार्ग के शिलान्यास को लेकर दोनों के बीच कड़वाहट देखने को मिली। सात फरवरी को बसी-पाबला मार्ग का शिलान्यास विधायक योगेश धामा ने किया, लेकिन 10 मार्च को इसका मार्ग का शिलान्यास केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने किया था। एक ही मार्ग के दो बार शिलान्यास राजनीतिक गलियारों में अब तक भी चर्चा के विषय बने हुए हैं।
रोजगार मेले को लेकर भी भिड़े प्रतिनिधि
बागपत। शनिवार से शुरू होने जा रहे रोजगार मेेले के आयोजन को लेकर भी दोनों के प्रतिनिधियों के बीच सियासी टकराव देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री के स्टाफ का कहना था कि मेला उन्होंने आयोजित कराया है, इसके लिए डॉ सत्यपाल सिंह की ओर से लिखे गए पत्रों को भी सोशल मीडिया पर पेश किया गया। जबकि विधायक के प्रतिनिधि का कहना था कि प्रदेश सरकार की योजना है। सेवा योजन कार्यालयों की ओर से प्रदेशभर में यह मेले लगाए जा रहे हैं। मेले का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ही करेंगे।
सीएम ने दिए थे समन्वय के निर्देश
बागपत। पिछले महीने ही केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह लखनऊ में बागपत विधायक योगेश धामा और बड़ौत विधायक केपी मलिक के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। सीएम ने जनप्रतिनिधियों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए थे।
लोकसभा चुनाव में हो सकता है नुकसान
बागपत। भाजपा नेताओं के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही जंग का असर लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। खासकर बागपत और छपरौली विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता गुटों में बंटे हुए नजर आ रहे हैं।
विधायक योगेश धामा का कहना है कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र का विकास है। शिलान्यास किसने किया यह महत्वपूर्ण नहीं है। मंत्री जी बड़े हैं, हम सब उनका सम्मान करते हैं। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने दो बार शिलान्यास के सवाल पर कहा था कि विकास महत्वपूर्ण है। इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता, वह सबको समान नजर से देखते हैं।