बड़ौत (बागपत)।
विगत छह माह से गांवों मेें विकास कार्य न होने पर बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधानों ने ब्लाक कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानों की ग्राम सचिव और ब्लाक स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित ग्राम प्रधानों ने ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी करने की कोशिश की। सूचना पर पहुंची सीडीओ ने प्रधानों को समझा कर शांत किया। बाद मेें सीडीओ ने प्रधानों और ग्राम सचिवों के साथ बैठक कर विकास कार्यों को तेज से करने के निर्देश दिए।
आंदोलित ग्राम प्रधानों ने कहा गांव में पिछले छह माह से क्षेत्र के गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। इससे आम जन मेें सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी न तो ब्लाक अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं और न ही ग्राम सचिव। जिला प्रशासन भी शिकायत करने के बाद भी चुप्पी साधे हैं। आक्रोशित ग्राम प्रधानों ने ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी करने की कोशिश दी। इस दौरान उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंची सीडीओ चांदनी सिंह और बीडीओ प्रेम चंद ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। ग्राम प्रधानों ने गांव में ठप विकास कार्य जल्द शुरू न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
हंगामा शांत कराने के बाद सीडीओ चांदनी सिंह और बीडीओ प्रेम चंद ने ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों की संयुक्त बैठक शुरू की तो ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों ने एक-दूसरे पर अभद्रता करने, धमकी दिलाने समेत अन्य संगीन आरोप लगाए। कई बार तो ग्राम सचिव और प्रधान आमने-सामने भी आ गए। मामला बढ़ता देखकर सीडीओ ने उन्हेें समझा और कहा यदि ग्राम सचिव और प्रधान आपस मेें यू ही झगड़ते रहे तो गांव मेें विकास कार्य नहीं होगा। इस दौरान अनिल कुमार एडवोकेट, रणवीर सिंह, संजीव, रविंद्र, ग्राम पंचायत अधिकारी सुधीर चौहान, ग्राम सचिव भूपेंद्र, प्रवेंद्र, रेशु, सुनीता, रोहित, सुशील, शिव कुमार, सुनील सोलंकी, वीरपाल पंवार जेई आदि रहे।
नहीं पहुंची महिला प्रधान
बड़ौत। सीडीओ की मौजूदगी में हुई बैठक में महिला ग्राम प्रधान उपस्थित नहीं हुई। सीडीओ ने कहा आगामी बैठकों में महिला प्रधानों को उपस्थित होना अनिवार्य करा दिया जाएगा।