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पाइप लीकेज, खिंदौड़ा में घरों तक कैसे पहुंचे पानी

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अमीनगर सराय (बागपत)। खिंदौड़ा गांव में जलापूर्ति की समस्या विकट है। एक तिहाई आबादी को ही पानी की सप्लाई मिल रही है। लीकेज पाइपों से गांव में जलभराव हो जाता है। हर जगह पानी नहीं पहुंच रहा है। लोगों को सामने पेयजल की समस्या है। शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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खिंदौड़ा गांव के ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। पाइपों की तो समूचे गांव में फीटिंग करा दी, लेकिन पानी आज तक नहीं पहुंचा है। गांव के लोग भी इसकी शिकायत ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है। मजबूर ग्रामीण हैंडपंप के पानी का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इस परिवार के घर में समर्सेबिल लगा रखा है, उनके कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन बस्ती में हैंडपंप खराब हो जाते तो पानी की समस्या गंभीर हो जाती है। घटिया पाइप और टंकी पर ऑपरेटर न होना भी गंभीर विषय है। पूर्व में रखे गए ऑपरेटर को 17 माह तक कोई भी मानदेय नहीं दिया गया है। पाइप फटने की समस्या तो गांव में आम बात है। अब तो कुछ ही लोगों के यहां पानी पहुंच रहा है। ग्रामीणों को आज भी उम्मीद है टंकी से उन्हें शुद्ध जल मिलेगा।

खराब पाइप गंभीर समस्या
खिंदौड़ा गांव के प्रधान मुकेश सोलंकी ने कहा कि गांव में टंकी से पानी की सप्लाई तो की जाती है, लेकिन घटिया पाइप की समस्या गंभीर है। पाइपों को कई बार सही करवा चुके हैं, लेकिन कहीं न कहीं से फट जाते है।
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घटिया पाइपों की वजह से नहीं मिल रहा पानी
खिंदौड़ा गांव निवासी फरीद का कहना है कि फीटिंग में घटिया पाइप का इस्तेमाल हुआ। इससे कही न कही पानी का रिसाव होता रहता है
इकरामुद्दीन का कहना है कि पिछले पांच साल से पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई है। बड़ी ही किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। समर्सेबिल या फिर नलों द्वारा पानी आपूर्ति की जा रही है।
राज कुमार ने बताया कि जिस वक्त टंकी निर्माण हुआ था, उस समय घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ। पाइपों को सही प्रकार से नहीं लगाया। जगह-जगह टंकी के पाइप फटने से गांव में जलभराव की समस्या है।
अनिल कुमार का कहना है कि सारे ग्रामवासी या तो नल या फिर समर्सेबिल से ही पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। गांव में लगी टंकी केवल दिखावा मात्र है। कोई भी ग्रामवासी उसका लाभ नहीं उठा पा रहा है।
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