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पिलाना ब्लॉक के 41 गांवों में हैं 1400 आवारा गोवंशीय पशु

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बागपत। पिलाना ब्लॉक के 41 गांवों में छुट्टा गोवंशों की गणना कराई गई है। यहां पर 1400 आवारा गोवंशीय पशु मिले। इसमें एक वर्ष और उससे ऊपर के गोवंश शामिल रहे। सभी को एकत्र करके ब्लॉक में बनने वाली स्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में रखा जाएगा। इसकी तैयारी ब्लॉक की ओर से कराई जा रही है।
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स्कूल और पंचायतों में गोवंशीय पशुओं को बंद करने के बाद प्रशासन भी हरकत में है। एक तरफ तो मीतली में जिला स्तरीय गोवंश आश्रय स्थल पर तेजी से कार्य शुरू कराया जा रहा है। पिलाना ब्लॉक के 41 गांवों में छुट्टा गोवंशों की गणना कराई गई। यहां पर किसी गांव में पांच तो किसी 105 गोवंशीय पशु मिले। 41 गांव में 1400 अवारा गोवंश की गणना की गई है। इसमें एक वर्ष और इससे ऊपर के नर और मादा मिले है। खट्टा गांव में सर्वाधिक 105 मवेशी की गणना की गई। ढिकौली गांव में 104, डौला में 80, खिंदौड़ा में 60, लुहारा में 70, पिलाना में 66, पुठड़ में 60, रोशनगढ़ में 75 सर्वाधिक आवारा गोवंश गणना के दौरान आंकड़ा सामने आया है। सबसे कम तिलपनी में 5, मतानतनगर में 7, बरिसया 6, बालैनी में 8, बसा टिकरी में 9, घटौली में 7, बिलौचपुरा में 12, सलावतपुर खेड़ी में 13, रामनगर में 14, दौलतपुर में 17, बुढ़सैनी में 18, हरियाखेड़ा में 19 में सबसे कम गोवंश मिले है। अन्य गांवों में 20 से 50 के बीच में छुट्टा गोवंश शामिल रहे। बीडीओ कृपाल सिंह ने बताया कि गणना में 1400 पशु मिले है। गोवंश आश्रय स्थलों के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। ढिकौली गांव में पांच हेक्टेयर भूमि और पिलाना में भूमि देखी है। यहां पर स्टीमेट तैयार कराकर जिला स्तर पर भेजा जाएगा।
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