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रिकवरी में मलकपुर मिल ने तोड़ा रिकॉर्ड

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बागपत। नए पेराई सत्र में भले ही मलकपुर चीनी मिल गन्ने के भुगतान में फिसड्डी हो, लेकिन रिकवरी के मामले में चीनी मिल ने जिले में पहले पायदान पर चल रही है। चीनी मिल की दैनिक रिकवरी 11.35 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि औसत रिकवरी नौ प्रतिशत पर है। अब तक की जिले की रिकवरी का औसत 9.15 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष 27 फरवरी तक चीनी की रिकवरी का औसत 8.67 था। यानि पिछले साल के सापेक्ष इस बार दैनिक और औसत रिकवरी का प्रतिशत बढ़ गया है। औसत प्रतिशत का आंकड़ा सत्र के खत्म होने तक 10 प्रतिशत के पार हो जाने की उम्मीद है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मलकपुर चीनी मिल का परता अभी सबसे बेहतर है। किसानों ने बेहतर फसल का उत्पादन किया है। किसानों ने सही बीज का चयन किया और साफ-सुथरा गन्ना चीनी मिल तक पहुंचाया, जिससे रिकवरी बढ़ी है।
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पेराई सत्र 2017-18 का चीनी परता
चीनी मिल परता दैनिक औसत
मलकपुर 11.35 9.00
रमाला 10.25 9.08
बागपत 10.75 9.37

पेराई सत्र 2016-17 का चीनी परता
चीनी मिल परता दैनिक औसत
मलकपुर 08.77 10.15
रमाला 08.70 9.90
बागपत 8.55 9.50


गन्ना खरीद में भी नया कीर्तिमान
बागपत। जिले की तीनों चीनी मिलों का रिकॉर्ड देखें तो इस बार गन्ना खरीद में भी नया रिकॉर्ड बनाया। 27 फरवरी तक के आंकडे़ देखें तो अब तक 152.40 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की, इनमें अकेले मलकपुर चीनी मिल ने 94.84 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की। जबकि पिछले पेराई सत्र में 27 फरवरी तक का आंकड़ा देखें तो सिर्फ 118 लाख क्विंटल गन्ने की ही खरीद हुई । तब मलकपुर चीनी मिल ने 62.94 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की।

शीरा उत्पादन में भी नया रिकॉर्ड
बागपत। चीनी का ही नहीं बल्कि इस बार शीरे के उत्पादन में भी नया रिकॉर्ड बना है। पेराई सत्र 2016-17 में मलकपुर चीनी मिल का शीरा उत्पादन का 27 फरवरी तक का प्रतिशत 4.75 था, जबकि इस बार यह 5.18 प्रतिशत पर पहुंच गया है। रमाला चीनी मिल में दोनों पेराई सत्र का प्रतिशत लगभग बराबर है, यही स्थिति बागपत चीनी मिल की है।
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