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यमुना में मौत के कुंड, आए दिन हादसे

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बागपत। यमुना में जगह-जगह बन गए मौत के कुंड आए दिन हादसों की वजह बन रहे हैं। नदी को पार करते समय या फिर नहाते समय लोग इन कुंड में फंस जाते हैं। कई हादसे हो चुके हैं। काठा गांव के नाव हादसे के अलावा भी यमुना नदी में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा यमुना के पक्का घाट, निवाड़ा पुल और छपरौली में आए दिन हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। परिवार के साथ यहां पहुंचने वाले लोग भी मौत के गड्ढों में फंसकर अपनी जान गंवा चुके हैं। जिन जगहों पर हादसे हुए हैं, अभी तक प्रशासन ने कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं। हादसों के बाद पुलिस प्रशासन की टीम सिर्फ राहत कार्यों के लिए पहुंचती है।
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यमुना में डूब गया था किशोर
छपरौली में हरियाणा की तरफ से यमुना नदी पार कर मंदिर के निकट नहा रहा किशोर अचानक गड्ढे के गहरे पानी में फंस गया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक हादसे में किशोर की मौत हो चुकी थी। मंदिर के निकट कई लोग यमुना नदी में नहाने के चक्कर में डूब चुके हैं।

नहाने पहुंचा दंपती, पति की डूबने से मौत
पिछले वर्ष यमुना के पक्का घाट पर दिल्ली का नव दंपती पूजा पाठ और नहाने के लिए पक्का घाट पर पहुंचा था। परिवार के लोग नहाने लगे, इस बीच महिला के पति की गड्ढे में डूब जाने की वजह से मौत हो गई थी।
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मां-बेटी की डूबने से मौत
काठा गांव में यमुना नदी पार कर रहे एक ही परिवार के चार सदस्य डूब गए थे। पिता-पुत्र तो किसी तरह बच गए, लेकिन मां और बेटी की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई थी। एनडीआरफ ने भी दो दिन तक शवों की तलाश की थी।

नाव सवार 19 लोगों की मौत
काठा गांव में नाव में सवार होकर यमुना नदी पार कर रहे 19 लोगों की मौत हो गई थी। दो साल पहले गांव के लोग यमुना नदी पार कर रहे थे। इस बीच नाव यमुना में धंस जाने के कारण गांव के 19 लोगों की मौत हो गई थी।

चेतावनी बोर्ड तक सिमटा प्रशासन
प्रशासन ने काठा गांव में चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। इसमें लोगों को गहरे पानी में जाने से मना किया है। लेकिन यमुना नदी पार कैसे करें, इसका कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
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