बड़ौत (बागपत)। बिनौली रोड रेलवे क्रासिंग आमजनों के लिए जी का जंजाल बन गया है। फाटक बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और भीषण गर्मी के चलते वाहनों में सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। फाटक खुलने के बाद भी यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। काफी समय जाम खुलने में लगता है।
बड़ौत से बिनौली-मेरठ सरधना जाने का मार्ग रेलवे क्रासिंग बिनौली रोड से मुख्य रास्ता है लेकिन सुबह से शाम तक ट्रेन आने से पहले ही रेलवे क्रासिंग बंद हो जाने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। फाटक खुलने के बाद भी काफी समय जाम खुलने में लगता है, जिससे भीषण गर्मी के चलते वाहनों में सवार लोगों को भारी कठिनाई उठानी पड़ रही है। लोग कहीं रेलवें फाटक बंद न हो जाए, इसीलिए इधर-उधर दूसरे रास्तों से निकलना आसान समझते हैं। इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से भी मांग की गई थी कि यहां ओवरब्रिज बनवाया जाए। तत्कालीन केंद्रीय रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु बड़ौत आए थे तो उन्होंने यहां ओवरब्रिज बनेगा की घोषणा की थी। लेकिन सालों गुजर जाने के बाद भी यहां ओवरब्रिज बनने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। उस समय घोषणा के कुछ समय बाद यहां पर नापतौल का काम शुरू किया गया था लेकिन दुकानदारों के विरोध के चलते यह मामला अधर में लटका पड़ा है। बताया जाता है कि यह ओवरब्रिज कागजों में पास तो हो चुका है लेकिन अभी इसके निर्माण का पैसा सरकार से आवंटित नहीं हुआ है। नगर के पीतम सिंह वर्मा, डॉ. हरपाल सिंह, ओमवीर सिंह आर्य, गौरव तोमर व अन्य लोग इस मामले में रेलवे अधिकारियों को सूचित भी कर चुके हैं लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों है और लोगों को घंटों रेलवे क्रासिंग पर जाम में फंसे रहना पड़ता है।