बड़ौत (बागपत)। अमर उजाला में बुधवार के अंक मेें प्रमुखता से प्रकाशित खबर एसडीओ और संविदा कर्मचारी लगा रहे विद्युत निगम को चूना लगाने से निगम के अफसरों में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसई ने मामले की जांच बैठा दी है और जांच कमेटी को तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसे लेकर उपभोक्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एसई की सराहना की।
मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता करुण तिवारी के आवास पर हुई बैठक में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बागपत मेें तैनात एक एसडीओ व संविदा कर्मचारी पर मिलीभगत कर विद्युत विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाने का आरोप लगाया । उनका आरोप था कि एसडीओ व संविदा कर्मचारी ने मिलीभगत कर टटीरी निवासी कांशीराम का ढाई लाख रुपये का बिल मात्र 25 हजार में दर्शाकर समाप्त कर दिया, जबकि दो बार पहले इस कनेक्शन पर बिजली चोरी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और इसकी रिकवरी तहसील पर भेजी जा चुकी है। सभी साक्ष्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के पास मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एसडीओ ने संविदा कर्मचारी फरमान को गलत ढंग से बाबू के पद पर तैनात कर दिया।
इस मुद्दे को अमर उजाला ने बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो एसई बागपत रामबीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण में जांच बैठा दी। एसई ने जांच कमेटी को तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। सामाजिक कार्यकर्ता करूण तिवारी, संदीप, सिद्धार्थ, सचिन, प्रमोद, बबलू, सन्नी, कपिल, मोहित, आकाश, सोनू, दीपक ने एसई की प्रशंसा की।
इस संबंध मेें एसई बागपत रामबीर सिंह ने कहा विभाग का नुकसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत पर जांच बैठा दी। जांच कमेटी से तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी। जांच में यदि एसडीओ व संविदा कर्मचारी दोषी मिलते हैं, तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।