बड़ौत (बागपत)। अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में मुनि वीर सागर, विशाल सागर व मुनि धवल सागर महाराज के सानिध्य में चल रहे पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन गर्भ कल्याणक उत्तर रूप की क्रियाएं संपन्न कराई गईं।
प्रात: सौधर्म इंद्र विशाल जैन के नेतृत्व में, कुबेर इंद्र विकास जैन, यज्ञ नायक सचिन जैन, भरत इंद्र, अतुल जैन, बाहुबली नितिन के द्वारा अजितनाथ भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया। मुनि वीर सागर महाराज द्वारा बोले गए दिव्य मंत्रों के मध्य सौधर्म इंद्र व भरत इंद्र ने शांति धारा की। इसके बाद नित्य नियम की पूजा की। गोद भराई की रस्म हुई। दोपहर माता-पिता समर्पण समारोह का आयोजन किया। इसमें जैन श्रद्धालुओं ने अपने माता-पिता का गर्म प्रासुक पाद प्रक्षलण किया और सुंदर भेंट की।
गर्भ में पल रही बच्चियों की रक्षा का संकल्प दिलाया
बड़ौत। धर्म सभा मेें मुनि वीर सागर महराज ने कहा कि यदि आपको गर्भ कल्याणक मनाना है, यहां संकल्प लेना है कि गर्भ मेें पल रही बच्ची की रक्षा करनी है। आज की समय मेें लड़के की चाह में लड़की का गर्भ में हत्या का चलन चल रहा है। महिला ही महिला की दुश्मन है। तुम्हें यह समझ नहीं आता कि गर्भ की बच्ची आने वाले समय में माता होगी और कोई पुण्य आत्मा होगी। प्रत्येक जीव अपनी किस्मत व पुण्य लेकर आता है। मुनि विशाल सागर महाराज ने कहा कि माता के गर्भ में तीर्थंकर भगवान के आने के बाद देवराज इंद्र कुबेर को आज्ञा देते हैं कि अयोध्या नगर के प्रत्येक प्राणी को संपन्न बनाओ। गर्भ के छह माह पूर्व ही साढे़ दस रत्न बरसते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चा जब गर्भ मेें आता है तो माता के दिमाग मेें धार्मिक विचार आना चाहिए। वैसे ही भाव बच्चे के मन में आते हैं। सभा में सुभाष जैन, महेंद्र, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, बालकिशन जैन, मदनलाल जैन, जयलपाल जैन, पवन जैन, प्रवीण जैन, अनिल जैन मौजूद रहे। शाम को गुरु भक्ति हुई। इसके बाद भगवान की महाआरती की गई। संगीतकार बालेश की पार्टी के मधुर भजनों के विशेष रूप से सराहा गया।